छतरपुर में जलभराव से मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार ने ₹25.60 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में हर मानसून के बाद होने वाली जलभराव की समस्या अब बीते दिनों की बात हो सकती है। दिल्ली सरकार ने इस इलाके की मुश्किलों को खत्म करने के लिए 25.60 करोड़ रुपये के एक बड़े प्रोजेक्ट को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी रोड और बांध रोड जैसे संवेदनशील इलाकों में पानी की निकासी का स्थायी समाधान निकालना है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को होने वाली परेशानी को रोका जा सके।
आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और नई सड़कों का होगा निर्माण
इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी गई है। योजना के तहत मंडी रोड और बांध रोड के दोनों ओर आधुनिक प्रीकास्ट ड्रेन्स (नालियों) का जाल बिछाया जाएगा। इसके अलावा, पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए दो समर्पित पंप हाउस बनाए जाएंगे। सिर्फ नालियां ही नहीं, बल्कि मंडी रोड पर 4 किलोमीटर लंबी मजबूत बिटुमिनस सड़क का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम हो सके।
इस पहल से न केवल छतरपुर, बल्कि सुल्तानपुर, गदईपुर गांव, जौनपुर गांव और आसपास के इलाकों के निवासियों को बड़ा फायदा होगा। दरअसल, यह इलाका काफी निचला है और पहले यहां पानी प्राकृतिक रूप से हरियाणा की ओर निकल जाता था। लेकिन तेजी से हुए शहरीकरण ने उन रास्तों को बंद कर दिया, जिससे अस्थायी पंपिंग अब नाकाफी साबित हो रही थी।
बता दें कि यह फैसला जुलाई में PWD मंत्री प्रवेश सहिब सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद लिया गया है। उस दौरान भारी बारिश के कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था और उन्होंने सरकार से स्थायी समाधान की मांग की थी। 'वन गवर्नमेंट, वन गवर्नेंस' फ्रेमवर्क के तहत काम करते हुए PWD को निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरे प्रोजेक्ट को अगले मानसून के आने से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि इस बार लोगों को जलभराव की मार न झेलनी पड़े।