यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार और भाजपा का महा-अभियान शुरू

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार और भाजपा का महा-अभियान शुरू

राजधानी की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को फिर से स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। दिल्ली सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाथ मिलाकर एक मेगा स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। 'यमुना तट स्वच्छता अभियान' के तहत अब दिल्ली के विभिन्न घाटों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि नदी को प्रदूषण के चंगुल से मुक्त किया जा सके। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सफाई के काम को केवल सरकारी जिम्मेदारी न रखकर इसे एक जन-आंदोलन में बदलना है, जिसमें आम जनता, सरकारी कर्मचारी और पार्टी कार्यकर्ता मिलकर योगदान दें।

बुनियादी ढांचे में सुधार और करोड़ों का निवेश

यमुना की सफाई के लिए केवल शारीरिक श्रम ही नहीं, बल्कि तकनीकी और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने साल 2026 के दौरान कई व्यवस्थित कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में 25 मई 2026 को सीवेज ट्रीटमेंट और नजफगढ़ ड्रेन की सफाई के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इससे पहले 14 जून को भी एक बड़ा अभियान चलाया गया था, जिसमें 28 घाटों पर मंत्रियों, विधायकों और 500 से अधिक सामाजिक व धार्मिक संगठनों के हजारों स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया था।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि यमुना का कायाकल्प उनकी प्राथमिकता है। इस कार्य के लिए केंद्र सरकार से भी भारी वित्तीय सहायता मिल रही है, जिसमें पारिस्थितिक प्रयासों के लिए 1,200 करोड़ रुपये और अमृत योजना के तहत 830 करोड़ रुपये का फंड शामिल है।

भविष्य की योजनाओं की बात करें तो प्रशासन अब बड़े नालों की ड्रोन मैपिंग और बड़े पैमाने पर गाद निकालने (desilting) का काम करेगा। साथ ही, एक दीर्घकालिक लक्ष्य रखा गया है कि 2028 तक शहर की 1,799 अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ दिया जाए, ताकि बिना ट्रीटमेंट वाला गंदा पानी सीधे नदी में न गिरे।

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