दिल्ली सरकार की साइकिल योजना में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप, आम आदमी पार्टी ने की जांच की मांग

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सरकार की 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत साइकिल खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने इस मामले में सरकार की कड़ी scrutiny की है। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 12 अगस्त 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाजार में 4,200 रुपये में मिलने वाली साइकिल और सरकार द्वारा 6,957 रुपये में खरीदी गई ऐसी ही साइकिल को आमने-सामने रखकर भारी कीमत के अंतर को उजागर किया। पार्टी का दावा है कि सरकार ने कक्षा 9 की छात्राओं के लिए ऐसी 1.30 लाख साइकिलें इस अधिक कीमत पर खरीदी हैं (Source: UNI India)।
घटिया पार्ट्स और फर्जी स्टीकर के आरोप
सौरभ भारद्वाज ने 13 अगस्त 2026 को आगे आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बांटी गई साइकिलों में घटिया और लोकल पार्ट्स लगे हैं तथा उन पर 'Skyler' का फर्जी स्टीकर लगाया गया है। टेंडर में जिस 'Skyline' मॉडल का जिक्र था, उसे Hero Cycles द्वारा एक साल पहले ही बंद किया जा चुका है और बांटी जा रही साइकिलें 'Ilfit' ब्रांड की हैं। AAP विधायक संजीव झा ने दावा किया कि सरकार द्वारा खरीदी गई वही साइकिल 3,200 रुपये में उपलब्ध कराने का अनाधिकारिक ऑफर भी मिला था। AAP इन दोनों साइकिलों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री के सामने रखकर स्पष्टीकरण मांगने की योजना बना रही है। साथ ही, कार्रवाई न होने पर Anti-Corruption Branch (ACB) या Central Bureau of Investigation (CBI) के पास जाने की चेतावनी दी है (Source: ANI)।
सरकार और बीजेपी का पलटवार
इन तमाम आरोपों के जवाब में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 12 अगस्त 2026 को AAP के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने विधानसभा में स्पष्ट किया कि 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत बांटी गई साइकिलें Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ खरीदी गई हैं, जो Central Vigilance Commission (CVC) के नियमों और वित्तीय प्रक्रियाओं के सख्त पालन के बाद की गईं। इसके अलावा, दिल्ली के संसदीय कार्य मंत्री परवेश वर्मा और बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने भी यह बयान दिया कि पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी थी और सभी नियमों का पालन किया गया है, तथा उन्होंने AAP के दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया।