दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: डिजास्टर मैनेजमेंट स्टाफ की सैलरी में 100% तक की बढ़ोतरी मंजूर

दिल्ली सरकार ने 2 अगस्त 2026 को डिजास्टर मैनेजमेंट स्टाफ के लिए 100% तक की भारी सैलरी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को उन अधिकारियों के लिए लंबे समय से लंबित न्याय बताया है, जो 2009 से शहर के इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की रीढ़ रहे हैं। Source
सैलरी स्ट्रक्चर और प्रभावित कर्मचारी
यह सैलरी बढ़ोतरी दिल्ली स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DSDMA) के तहत काम करने वाले कर्मियों पर लागू होती है। इनमें प्रोजेक्ट्स ऑफिसर्स (POs), डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर्स (DPOs) और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (PCs) शामिल हैं। यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) के सहयोग से 2009 में बनाए गए इन पदों का मासिक वेतन 16 साल से नहीं बदला था। पहले प्रोजेक्ट ऑफिसर्स और डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर्स को 25,000 रुपये प्रति माह मिलते थे, जबकि प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर को 20,000 रुपये प्रति माह मिलते थे।
वेतन संशोधन और महंगाई का असर
किसी भी नियमित सरकारी वेतन ढांचे से न जुड़ने के कारण कर्मचारियों को महंगाई बढ़ने, डिजास्टर मैनेजमेंट की जटिलताओं और जिम्मेदारियों के बढ़ने के बावजूद समय-समय पर होने वाले वेतन संशोधन या महंगाई भत्ते (DA) का लाभ नहीं मिलता था। इस कदम का उद्देश्य एक निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी पारिश्रमिक ढांचे के माध्यम से दिल्ली के डिजास्टर मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को मजबूत और पेशेवर बनाना है।
दिल्ली फायर सर्विस के लिए नए पदों का प्रस्ताव
इसी दिन एक अन्य घटनाक्रम में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के लिए 10,743 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को तकनीकी रूप से मंजूरी दे दी। इस वृद्धि से DFS की स्वीकृत संख्या 3,175 से बढ़कर 13,918 कर्मियों की हो जाएगी, जो 2010 के बाद से विभाग के लिए पहली बड़ी मैनपावर वृद्धि है। चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक ने इस बात पर जोर दिया कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत करने और आधुनिक मेट्रोपोलिटन फायर सर्विस बनाने के लिए यह अतिरिक्त मैनपावर महत्वपूर्ण है, और यह प्रस्ताव अब दिल्ली सरकार से अंतिम प्रक्रियात्मक मंजूरी का इंतजार कर रहा है।