स्टार्टअप्स को पंख देगी दिल्ली सरकार, 'Go-Delhi Foundation' की स्थापना को मिली मंजूरी

Kittu Kumari18 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
स्टार्टअप्स को पंख देगी दिल्ली सरकार, 'Go-Delhi Foundation' की स्थापना को मिली मंजूरी

दिल्ली में नए बिजनेस आइडियाज और स्टार्टअप्स को अब एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Go-Delhi Foundation की स्थापना को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के युवाओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को उनके सपनों के प्रोजेक्ट्स को हकीकत में बदलने के लिए हर संभव मदद देना है। दिल्ली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती तौर पर 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।

यह फाउंडेशन कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक नॉन-प्रॉफिट संगठन के रूप में काम करेगा और दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस फाउंडेशन का लक्ष्य एक ऐसा स्पष्ट रास्ता तैयार करना है, जिससे कोई भी व्यक्ति अपने आइडिया को प्रोटोटाइप में बदल सके और फिर उसे एक बड़े बिजनेस के रूप में विकसित कर सके।

युवाओं और उद्यमियों को कैसे मिलेगा लाभ?

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दिल्ली में पहले से ही DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त करीब 21,000 स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। Go-Delhi Foundation इन सभी के लिए एक एकीकृत मंच की तरह काम करेगा, जिससे निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। इस फाउंडेशन के जरिए मिलने वाली सुविधाओं में शामिल हैं:

  • तकनीकी सहायता: स्टार्टअप्स और MSMEs को प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइप निर्माण और टेस्टिंग लैब तक आसान पहुंच मिलेगी।
  • मेंटरशिप और गाइडेंस: नए उद्यमियों को बिजनेस चलाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, इंक्यूबेशन सेवाएं और निवेशकों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
  • रिसर्च से कमर्शियल तक: छात्रों और शोधकर्ताओं को उनके प्रोटोटाइप विकसित करने, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) और लैब की तकनीक को बाजार तक पहुँचाने में मदद की जाएगी।
  • सरकारी चुनौतियों का समाधान: सरकारी विभाग अपनी वास्तविक समस्याओं को इनोवेटर्स के सामने रखेंगे, ताकि नए समाधानों का पायलट टेस्ट किया जा सके।

इस पूरी व्यवस्था का मकसद सरकारी निकायों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और इनोवेटर्स के बीच की दूरी को खत्म करना है, ताकि दिल्ली का स्टार्टअप इकोसिस्टम और अधिक मजबूत हो सके।

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