दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 का किया ऐलान

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए 29 सितंबर 2026 को व्यापक विंटर एक्शन प्लान 2026-27 की घोषणा की है। इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में की गई है। इस प्लान के तहत प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए जाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर यह विशेष कार्य योजना तैयार की गई है, जिसकी पूरी जानकारी Newsonair और ANI News पर उपलब्ध है।
वाहनों और निर्माण कार्यों पर पाबंदी
इस रणनीति का मुख्य केंद्र बिंदु बीएस-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा न करने वाले दूसरे राज्यों के पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाना है। यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा, जिसमें सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है। निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। धूल पैदा करने वाले सिविल कार्यों को 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंधित किया गया है, जबकि 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक सभी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यातायात और उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा, जिसमें दिल्ली मेट्रो पार्किंग और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल नहीं हैं।
वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस के समय में बदलाव
सरकार ने सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों के लिए 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम नीति को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है। नगर निगम दिल्ली के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे। 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों की मदद से नो पीयूसीसी नो फ्यूल अभियान सख्ती से लागू किया जाएगा। कचरे और लकड़ी की खुली आग को रोकने के लिए विशेष टीमें दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर काम करेंगी।
पौधारोपण और इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार
सरकार ने अपने पौधारोपण लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने की बात कही है। शुरुआती लक्ष्य 7 मिलियन के मुकाबले 7.1 मिलियन पौधे लगाए गए हैं और मार्च 2027 में इसका ऑडिट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा परिवहन बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। यह एक्शन प्लान पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आया है। इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और अन्य स्थानीय निकायों के अधिकारी शामिल थे।