प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए दिल्ली सरकार लाएगी 'बॉटल रिटर्न स्कीम', खाली बोतल लौटाने पर मिलेंगे पैसे

दिल्ली सरकार प्लास्टिक कचरा कम करने के लिए 'बॉटल रिटर्न स्कीम' ला रही है, जिसमें खाली बोतल लौटाने पर पैसे मिलेंगे।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए दिल्ली सरकार लाएगी 'बॉटल रिटर्न स्कीम', खाली बोतल लौटाने पर मिलेंगे पैसे

राजधानी दिल्ली में प्लास्टिक कचरे के बढ़ते ढेर को कम करने के लिए दिल्ली सरकार अब एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। शहर में दिल्ली बॉटल रिटर्न स्कीम (Deposit Return Scheme) लागू करने की तैयारी है, ताकि लोग 'इस्तेमाल करो और फेंको' की आदत छोड़कर 'इस्तेमाल करो और वापस लौटाओ' की संस्कृति को अपनाएं। इस योजना के जरिए न केवल सड़कों पर बिखरी प्लास्टिक की बोतलों को कम किया जाएगा, बल्कि लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत जब कोई ग्राहक प्लास्टिक की बोतल खरीदेगा, तो उसे उसकी कीमत के साथ 1 से 2 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। जब वह ग्राहक खाली बोतल को निर्धारित कलेक्शन पॉइंट पर वापस करेगा, तो उसे यह अतिरिक्त राशि रिफंड कर दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए सरकार बोतलों पर क्यूआर कोड (QR Code) के इस्तेमाल पर विचार कर रही है, जिससे रिफंड की प्रक्रिया डिजिटल और तेज हो सके।

उत्तराखंड और गोवा के मॉडल से ली प्रेरणा

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दिल्ली सरकार इस योजना के लिए उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों के सफल अनुभवों का लाभ उठा रही है। हाल ही में 6 अक्टूबर 2026 को पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में गोवा डिपॉजिट रिफंड स्कीम अथॉरिटी के पूर्व चेयरमैन डॉ. एंथनी डी सा और उत्तराखंड सरकार के मुख्य पर्यावरण अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल जैसे विशेषज्ञों से सलाह ली गई, ताकि दिल्ली की परिस्थितियों के हिसाब से इसे लागू किया जा सके।

मंत्री सिरसा ने अप्रैल 2026 में ही पर्यावरण विभाग को इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिसमें वित्तीय व्यवस्था और इसके कार्यान्वयन की रणनीति शामिल हो। सरकार की योजना पहले इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की है, जिसमें शुरुआत में शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को लक्षित किया जाएगा। इसके सफल होने के बाद इसे पूरे दिल्ली में लागू किया जाएगा।

बता दें कि दिल्ली में हर दिन करीब 1,113 से 1,500 टन कचरा पैदा होता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा प्लास्टिक होता है और वह पूरी तरह प्रोसेस नहीं हो पाता। 2022 में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर लगे प्रतिबंध के बाद अब सरकार इस नई स्कीम के जरिए प्लास्टिक मैनेजमेंट की चुनौती से निपटने की कोशिश कर रही है।

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