दिल्ली में ट्रैफिक चालान के पेंडिंग मामलों को खत्म करने के लिए सरकार एक नया प्लान बना रही है। इसके तहत स्थानीय एसडीएम, तहसीलदार और अन्य राजपत्रित अधिकारियों को ट्रैफिक चालान निपटाने की शक्ति देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चार करोड़ से अधिक चालान पेंडिंग हैं, जिन्हें साफ करने के लिए यह पहल की जा रही है।
इस संबंध में एक कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है जिसे आने वाले हफ्तों में औपचारिक मंजूरी के लिए
दिल्ली कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन पेमेंट पोर्टल, कोर्ट की कार्यवाही और लोक अदालत जैसे मौजूदा विकल्पों के साथ समानांतर रूप से काम करेगी।
प्रस्तावित ढांचे के तहत राजस्व और परिवहन विभागों सहित विभिन्न विभागों के
लगभग 700 अधिकारियों को इन चालानों को प्रोसेस करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। इस विकेंद्रीकरण से नागरिकों को अपने घर के पास के अधिकारियों से संपर्क करके विवादित चालान हल करने की सुविधा मिलेगी। इस उपाय से मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और
न्यायिक प्रणाली पर बोझ कम होगा। सरकार वर्तमान में इस रूपरेखा को अंतिम रूप दे रही है जिसके तहत पात्र मामलों की श्रेणियों और प्रक्रिया के चरणों को तय किया जा रहा है।