छात्रों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार लाएगी PG निगरानी पोर्टल, अब आसानी से होगी जांच

Kittu Kumari8 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
छात्रों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार लाएगी PG निगरानी पोर्टल, अब आसानी से होगी जांच

दिल्ली में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। दिल्ली सरकार अब शहर के सभी पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की निगरानी और नियमन के लिए एक सेंट्रलाइज्ड पब्लिक पोर्टल लॉन्च करने जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुरक्षा या धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।

यह कदम शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली 'छात्र आवास और सुरक्षा' उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) द्वारा उठाया गया है। दरअसल, सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला हॉस्टल गिरने की दुखद घटना, जिसमें पांच छात्रों समेत सात लोगों की जान गई थी, के बाद सरकार ने इस दिशा में सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

पोर्टल से क्या होगा फायदा और क्या हैं नए नियम?

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आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली यूनिवर्सिटी और एमसीडी (MCD) इस पोर्टल का ट्रायल शुरू करेंगे। इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्र न केवल अपने पीजी का रजिस्ट्रेशन चेक कर सकेंगे, बल्कि वहां की क्षमता (Capacity) और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की भी पुष्टि कर पाएंगे। इतना ही नहीं, छात्र अपनी शिकायतें गुमनाम तरीके से दर्ज करा सकेंगे और उनकी स्थिति को ट्रैक भी कर पाएंगे।

सरकार केवल पोर्टल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि 'पेइंग गेस्ट आवास विनियमन और सुरक्षा विधेयक, 2026' भी तैयार किया जा रहा है। इस नए कानून के तहत पीजी मालिकों के लिए कई सख्त शर्तें होंगी:

  • लाइसेंस और NOC: सभी पीजी को 90 दिनों के भीतर नगर निगम से लाइसेंस, पुलिस क्लीयरेंस और फायर एवं स्ट्रक्चरल सेफ्टी का एनओसी लेना अनिवार्य होगा।
  • सुरक्षा इंतजाम: सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होगा, जिनका फुटेज 30-45 दिनों तक सुरक्षित रहे। 15 से ज्यादा छात्रों वाले पीजी में एक लाइसेंस प्राप्त नाइट सिक्योरिटी गार्ड रखना होगा।
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स: पीजी के 500 मीटर के दायरे में एक वार्डन की नियुक्ति होगी, जो किसी भी आपात स्थिति में 15 मिनट के भीतर पहुंच सके।
  • किराया और डिपॉजिट: एक रेंट रेगुलेशन कमेटी बनाई जाएगी जो इलाके के हिसाब से किराए की सीमा तय करेगी। सिक्योरिटी डिपॉजिट अधिकतम तीन महीने के किराए तक सीमित होगा, जिसे छोड़ने के 30 दिनों के भीतर वापस करना होगा।
  • भेदभाव पर रोक: लिंग, धर्म, जाति या मूल राज्य के आधार पर किराए में किसी भी तरह के भेदभाव पर पूरी तरह रोक होगी।

वर्तमान में डीडीए (DDA) और एमसीडी की संयुक्त टीमें 100 संदिग्ध पीजी आवासों की जांच कर रही हैं ताकि सुरक्षा मानकों की पुष्टि की जा सके। दशहरा की छुट्टियों के बाद समिति एक बार फिर बैठक करेगी, जिसमें सब-कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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