दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए लक्ष्मी योजना की औपचारिक शुरुआत की

दिल्ली सरकार ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक समारोह के दौरान आधिकारिक तौर पर लक्ष्मी योजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में आर्थिक और सामाजिक ताकत को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि केवल तभी जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, परिवार, समाज और देश तेजी से आगे बढ़ेंगे। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल फंड ट्रांसफर की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने महिलाओं के कल्याण पर प्रशासन के फोकस की प्रशंसा की (Source: News on Air)।
योजना की वित्तीय राशि और भुगतान प्रक्रिया
2026-27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपये आवंटित की गई इस योजना के तहत, पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये का मासिक लाभ मिलेगा। लाभार्थी 1,000 रुपये CBDC-लिंक्ड डिजिटल वॉलेट के माध्यम से प्राप्त करना चुन सकते हैं और 1,500 रुपये फिक्स्ड या रिकरिंग डिपॉजिट में डाल सकते हैं, या वे पूरी 2,500 रुपये की राशि जमा खाते में डालने का विकल्प चुन सकते हैं। पहली किस्त का वितरण 1 सितंबर 2026 से शुरू होना निर्धारित है (Source: UNI India)।
पात्रता और बहिष्करण मानदंड
योजना के लिए आवेदन करने हेतु महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वे अपने परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य होनी चाहिए, जिनकी वार्षिक घरेलू आय 2.5 लाख रुपये से अधिक न हो। निवासियों को दिल्ली में पंजीकृत मतदाता होना चाहिए, और आवेदक, उसके पति, या या तो माता-पिता में से किसी एक को कम से कम 10 वर्षों तक राजधानी में निवास करना चाहिए। अतिरिक्त मानदंडों में पिछले 12 महीनों में 2,400 यूनिट की घरेलू बिजली खपत की सीमा शामिल है। इस योजना में तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों, वर्तमान सरकारी कर्मचारियों, आयकर दाताओं और दिल्ली सरकार की अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के प्राप्तकर्ताओं को बाहर रखा गया है। प्रत्येक परिवार से केवल एक महिला भाग ले सकती है।
पंजीकरण और लॉन्च के आंकड़े
कार्यक्रम के लिए पंजीकरण 1 अगस्त 2026 को खुला था। अगस्त के अंत तक, लगभग 9.13 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 6.52 लाख आवेदन अंतिम रूप से पूर्ण हो चुके थे। लॉन्च इवेंट के दौरान, 4,000 से 4,190 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। हालांकि यह योजना तीन साल तक चलने के लिए डिज़ाइन की गई है, लेकिन पंजीकरण पूरे वर्ष खुला रहता है, जिसमें अगले महीने पात्रता के लिए मासिक कट-ऑफ तारीख होती है। सरकार आवेदकों को लापता जानकारी को सही करने या अपडेट करने की अनुमति देने के लिए एक पोर्टल सुविधा शुरू करने की योजना बना रही है।