दिल्ली सरकार ने 26 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत कर दी है, जिसका उद्देश्य पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देना है। तालकटोरा स्टेडियम में हुए एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने करीब 4,000 लाभार्थियों को मंजूरी प्रमाण पत्र बांटे। इस योजना के तहत 2,500 रुपये की मासिक आर्थिक मदद का सीधा बैंक ट्रांसफर 1 सितंबर 2026 से शुरू होना तय है। योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त 2026 को शुरू हुए थे। 25 अगस्त तक सरकार के पास 9.13 लाख से 9.14 लाख रजिस्ट्रेशन दर्ज हुए, जिनमें से 6.52 लाख औपचारिक आवेदन जमा किए गए थे। इस योजना को पहले महिला समृद्धि योजना के नाम से जाना जाता था और इसका लक्ष्य 17 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाना है। इसके लिए 2026-27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दिल्ली महिला एवं बाल विकास विभाग ने 11 अगस्त को इस योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे।
इस योजना की पात्रता के लिए आवेदकों की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वे दिल्ली की रजिस्टर्ड वोटर होनी चाहिए। इसके अलावा, आवेदक, उनके पति या माता-पिता कम से कम 10 साल से दिल्ली में रह रहे हों। परिवार की कुल सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और पिछले 12 महीनों में घर की बिजली की खपत 2,400 यूनिट या उससे कम होनी चाहिए। हर परिवार से केवल एक लाभार्थी यानी परिवार की सबसे बड़ी पात्र महिला सदस्या को ही यह लाभ मिलेगा। इनकम टैक्स या जीएसटी देने वाले, सरकारी कर्मचारी, सार्वजनिक पद पर बैठे लोग, चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, तीन से ज्यादा बच्चे होने, आपराधिक रिकॉर्ड होने या अन्य सरकारी पेंशन पाने वाले लोग इस योजना के लिए अयोग्य हैं।
2,500 रुपये की मासिक सहायता का वितरण एक तय ढांचे के तहत होगा। डिफ़ॉल्ट रूप से 1,000 रुपये तय सामान और सेवाओं के लिए CBDC-लिंक डिजिटल वॉलेट के जरिए दिए जाएंगे, जबकि बाकी 1,500 रुपये 31 जुलाई 2029 को खत्म होने वाले तीन साल के लॉक-इन पीरियड के साथ फिक्स डिपॉजिट या रिकरिंग डिपॉजिट में रखे जाएंगे। लाभार्थियों के पास पूरे 2,500 रुपये को डिपॉजिट स्कीम में लगाने का विकल्प भी है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने जिला स्तर की कमेटियों को आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने का निर्देश दिया है।