दिल्ली सरकार ने लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाओं के भारी उत्साह की सराहना की

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 23 अगस्त 2026 को दिल्ली लक्ष्मी योजना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस योजना को राजधानी की महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का रास्ता बताया। कैबिनेट की 28 जुलाई 2026 की मंजूरी और 1 अगस्त 2026 से रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद, मुख्यमंत्री ने आवेदकों से मिल रहे सकारात्मक रिस्पांस पर खुशी जताई।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत चलने वाली इस योजना में 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस वित्तीय ढांचे के तहत, 1,500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जाते हैं जो 31 जुलाई 2029 तक लॉक रहते हैं। बाकी 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट में आते हैं जिससे तंबाकू, शराब, नशीली दवाओं, जुआ या सट्टेबाजी की चीजें नहीं खरीदी जा सकतीं। लाभार्थियों के पास पूरे 2,500 रुपये को आरडी या एफडी खाते में भेजने का विकल्प भी होता है।
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों का कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना, वैध वोटर आईडी होना और परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक न होना जरूरी है। नियम के अनुसार, प्रति परिवार केवल सबसे बड़ी पात्र महिला ही आवेदन कर सकती है। टैक्सपेयर्स, सरकारी कर्मचारी, कार मालिक, सालाना 2,400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले परिवार, तीन से अधिक जीवित बच्चों वाले और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग इस योजना से बाहर हैं। जरूरी दस्तावेजों में आधार-लिंक बैंक खाता, पहचान पत्र और विधायक या सांसद का समर्थन पत्र शामिल है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने मुख्य सचिव राजीव वर्मा की देखरेख में चलने वाली जिला स्तरीय समितियों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। 26 अगस्त 2026 से तालकटोरा स्टेडियम में बेनिफिट लेटर बांटे जाएंगे, और वित्तीय सहायता की पहली किस्त 1 सितंबर 2026 को खाते में आने की उम्मीद है। सरकार आवेदकों को फॉर्म सुधारने में मदद करने के लिए ऑफिशियल पोर्टल पर करेक्शन सुविधा भी शुरू करने की योजना बना रही है।