बड़ी खबर: दिल्ली सरकार ने अगले तीन साल के लिए प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाई रोक, अप्रैल 2025 का स्तर लागू

दिल्ली सरकार ने आगामी तीन एकेडमिक सत्रों 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए प्राइवेट स्कूलों की फीस को फ्रीज कर दिया है। यह फीस 1 अप्रैल 2025 के स्तर पर सील कर दी गई है और जब तक सरकार द्वारा स्वीकृत समिति द्वारा नई फीस संरचना तय नहीं की जाती, तब तक प्राइवेट स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। अप्रैल 2025 के स्तर से ऊपर वसूली गई किसी भी फीस को स्टूडेंट्स को रिफंड करना होगा। यह निर्देश 'दिल्ली स्कूल एजुकेशन (रिमूवल ऑफ डिफिकल्टीज) ऑर्डर, 2026' के तहत आया है, जिसे 7 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा में पेश किया गया था। यह आदेश 10 दिसंबर 2025 को लागू हुए 'दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फी डर्मिनेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2025' को लागू करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए लाया गया है।
कमेटी का गठन और नियम
नए आदेश के अनुसार, सभी प्राइवेट स्कूलों को दिल्ली गजट में आदेश के प्रकाशन के 10 दिनों के भीतर एक स्कूल लेवल फी रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) का गठन करना अनिवार्य है। ये कमेटियां फीस प्रस्तावों की जांच करेंगी और स्कूलों को SLFRC के गठन के 14 दिनों के भीतर इन तीन एकेडमिक वर्षों (2026-27, 2027-28, 2028-29) के लिए अपनी प्रस्तावित फीस जमा करनी होगी। इसके अलावा, डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन को फीस से जुड़े अपीलों को सुलझाने के लिए प्रत्येक एजुकेशन डिस्ट्रिक्ट में 30 दिनों के भीतर डिस्ट्रिक्ट फी अपीलेट कमेटी (DFAC) का गठन करने का काम सौंपा गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्राइवेट स्कूल के खिलाफ 2025 एक्ट के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो विशेष रूप से 2025-26 सत्र से संबंधित है।
शिक्षा मंत्री का बयान
एजुकेशन मिनिस्टर आशीष सूद ने बताया कि नया आदेश 2025 में ट्रांसपेरेंसी एक्ट के देर से लागू होने के कारण वार्षिक 15 जुलाई की समय सीमा तक SLFRC स्थापित करने में शुरुआती व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस उपाय को 2026-27 एकेडमिक वर्ष से शुरू होने वाले तीन साल के फीस चक्र को सुव्यवस्थित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे दिल्ली में माता-पिता और स्टूडेंट्स के लाभ के लिए एक पारदर्शी और विनियमित फीस निर्धारण प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।