दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी अस्पतालों में बढ़ेंगी मेडिकल की पढ़ाई की सीटें

दिल्ली सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मेडिकल एजुकेशन सीटों को बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने इसकी घोषणा की। इस व्यापक योजना का मुख्य उद्देश्य योग्य मेडिकल प्रोफेशनल्स की कमी को दूर करना और राजधानी के पब्लिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। यह पूरी पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में की जा रही है।
सीटों का विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स
यह विस्तार नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के साल 2026 के संशोधित नियमों के तहत किया जा रहा है, जिसमें सीट क्षमता और जनसंख्या-आधारित मेडिकल सीट की पुरानी सीमाओं को हटा दिया गया है। इस योजना के तहत द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल और गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए 300 एमबीबीएस (MBBS) सीटें जोड़ी जाएंगी। इसके साथ ही, डॉ. बी.एस.ए. मेडिकल कॉलेज में भी क्षमता बढ़ाई जाएगी।
पीजी और सुपर-स्पेशलिटी सीटों में बढ़ोतरी
सरकार ने 103 पीजी (PG) और डीएनबी (DNB) सीटें जोड़ने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस में विस्तार शामिल है। इसके अलावा जीटीबी अस्पताल और दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में पांच नई फेलोशिप सीटें भी जोड़ी जाएंगी।
किन अस्पतालों में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड?
बढ़ी हुई छात्र क्षमता का समर्थन करने के लिए कई अन्य संस्थानों में बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जाएगा। इनमें यूसीएमएस (UCMS), संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और दीप चंद बंधु अस्पताल शामिल हैं, जिन्हें इस योजना के तहत चिन्हित किया गया है।