दिल्ली सरकार ने प्रदूषण जांच व्यवस्था को किया मजबूत, बनाए गए नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

दिल्ली प्रशासन ने प्रदूषण निगरानी व्यवस्था में सुधार के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। अधिकारियों ने पाया कि कमर्शियल वाहन पुरानी तकनीक से फिटनेस सर्टिफिकेट ले रहे थे, जबकि प्राइवेट वाहन पेट्रोल पंपों के बाहर बने बूथों से प्रदूषण प्रमाण पत्र ले रहे थे। निगरानी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने सभी प्रदूषण निगरानी केंद्रों को अपग्रेड करने और उनमें सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। इसके अलावा, प्रशासन ने ओखला के तेहखंड और नंद नगरी में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू किए हैं। इनमें से प्रत्येक नई सुविधा की क्षमता सालाना लगभग 72,000 वाहनों की जांच करने की है। अधिकारियों ने पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि ये उपाय राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक बड़े प्रयास का हिस्सा हैं। #ViksitDelhi पहल के तहत शहर की प्रदूषण चुनौतियों से निपटने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।