स्वास्थ्य विभाग में खरीद घोटाले की जांच, दिल्ली सरकार ने किया 34 अधिकारियों का तबादला

दिल्ली सरकार ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल करते हुए 34 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस बड़ी कार्रवाई में 22 IAS और 12 DANICS अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर अलग-अलग विभागों में भेजा गया है। यह कदम स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल सामानों की खरीद में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के बीच उठाया गया है।
इस फेरबदल का सबसे बड़ा असर स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार पर पड़ा है। 2006 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी रूपेश कुमार को उनके पद से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह के साथ उनके मतभेदों और खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ियों की जांच के चलते यह फैसला लिया गया। हालांकि, उन्हें दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड के CEO का अतिरिक्त प्रभार मिलता रहेगा।
मेडिकल सामानों की कीमतों में हेराफेरी का मामला
यह पूरा विवाद सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में हुई गड़बड़ियों से जुड़ा है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने जून 2026 में एक FIR दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ORS सैशे, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और बेडशीट जैसे मेडिकल सामानों की कीमतें जानबूझकर बढ़ाई गईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ महत्वपूर्ण फाइलों को नष्ट किया गया था।
इस मामले में अब तक की कार्रवाई की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- ACB की जांच के घेरे में 100 से ज्यादा डॉक्टर और अधिकारी हैं।
- नियमों के उल्लंघन के चलते 5 फार्मासिस्ट और 2 अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
- स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने सचिव को देरी और विसंगतियों को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
- अस्थायी तौर पर सरकारी अस्पतालों को सीधे मेडिकल सामान खरीदने का अधिकार दिया गया है और पुराने टेंडर्स रद्द कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि राजधानी के विभागों में प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस फेरबदल का असर सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि शिक्षा, परिवहन, समाज कल्याण, PWD, MCD और NDMC जैसे विभागों पर भी पड़ा है। उदाहरण के तौर पर, 2014 बैच के IAS अधिकारी अवनीश कुमार को अब एक्साइज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।