दिल्ली में बनेंगे 7 नए फायर स्टेशन, इमरजेंसी रिस्पांस को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ने राजधानी में इमरजेंसी रिस्पांस टाइम और ज्योग्राफिकल कवरेज को बेहतर बनाने के लिए सात नए फायर स्टेशनों के निर्माण हेतु जमीन के आवंटन को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। 19 अगस्त 2026 को की गई इस घोषणा के अनुसार, यह जमीन दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को 99 साल के रेंट-फ्री लीज समझौते के तहत दी जाएगी, जिसमें यह सख्त शर्त है कि संपत्ति का इस्तेमाल केवल फायर स्टेशन सुविधाओं के लिए ही किया जाएगा।
कहाँ-कहाँ बनाई जाएंगी नई सुविधाएं
नए स्टेशनों के लिए रणनीतिक साइट चयन का काम पूरा कर लिया गया है, जो आउटर नॉर्थ और साउथ वेस्ट जिलों में स्थित होंगे। साउथ वेस्ट दिल्ली में छह गांवों- गालिबपुर, झाटीकरा, बादूसराई, ढांसा, घुम्मन हेरा और मुंडहेला कलां में जमीन चिह्नित की गई है। इसके अलावा, आउटर नॉर्थ जिले में निजामपुर रशीदपुर में खाली जमीन का एक प्लॉट आवंटित किया गया है।
इमरजेंसी कॉल्स में भारी बढ़ोतरी
यह विस्तार DFS पर बढ़ रहे ऑपरेशनल दबाव को दूर करने के लिए है, जो वर्तमान में 71 स्टेशन संचालित करता है। आधिकारिक आंकड़ों और पिछली स्टडीज में आपातकालीन कॉलों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए अतिरिक्त स्टेशनों की तत्काल आवश्यकता पर बार-बार जोर दिया गया है। 2025-26 के वित्तीय वर्ष के दौरान, विभाग ने 36,877 इमरजेंसी कॉल्स दर्ज कीं, जो छह वर्षों में सबसे अधिक हैं, जिसमें आग से जुड़ी घटनाएं कुल का 55.2% थीं। अधिकारियों ने बताया कि इस उछाल ने मौजूदा मैनपॉवर और मौजूदा व्हीकल फ्लीट पर भारी दबाव डाला है, जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जरूरी हो गया है।