दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: आपदाओं से निपटने के लिए बनेगी 1,050 सदस्यों की SDRF

राजधानी दिल्ली में अब किसी भी आपातकालीन स्थिति या प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एक समर्पित फोर्स होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 1,050 सदस्यों वाली दिल्ली स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) के गठन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगाई। यह कदम पिछले महीने सत्य निकेतन में हुए उस दर्दनाक हादसे के बाद उठाया गया है, जहां एक इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी।
कैसे काम करेगी यह नई फोर्स और क्या होगा ढांचा?
इस नई फोर्स को बेहद व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है ताकि शहर के हर कोने तक मदद तेजी से पहुंच सके। योजना के मुताबिक, कुल 18 कंपनियां बनाई जाएंगी। दिल्ली के सभी 13 जिलों में एक-एक कंपनी तैनात की जाएगी, जबकि बाकी 5 कंपनियों को रिजर्व के तौर पर रखा जाएगा। हर कंपनी में करीब 50 से 55 राहत और बचाव कर्मी शामिल होंगे।
इस फोर्स की सबसे खास बात इसकी भर्ती प्रक्रिया है। कुल कर्मियों में से 90% सदस्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) से प्रतिनियुक्ति (deputation) पर लाए जाएंगे, जबकि बाकी 10% की भर्ती सीधी भर्ती के जरिए की जाएगी। इस पूरे यूनिट की कमान पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल (IG) रैंक के अधिकारी के पास होगी।
तैयारियों को पुख्ता करने के लिए सरकार ने नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) के साथ हाथ मिलाया है। NDRF न केवल इन कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग देगी, बल्कि जरूरी बचाव उपकरणों की खरीद में भी दिल्ली सरकार की मदद करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपने आपदा प्रबंधन उपकरणों का विस्तृत लॉग मेंटेन करें और उसे साझा करें, ताकि इमरजेंसी के समय समय बर्बाद न हो।
इसके अलावा, SDRF की मदद के लिए दिल्ली फायर सर्विस और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। फिलहाल, इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद चरणों में इस फोर्स की स्थापना शुरू हो जाएगी।