किरारी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, दिल्ली सरकार ने 263.45 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

दिल्ली के किरारी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से जलभराव और सड़कों पर जमा पानी की समस्या से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति (EFC) ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को 263.45 करोड़ रुपये के ड्रेनेज नेटवर्क प्रोजेक्ट को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य किरारी और उसके आसपास के इलाकों में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को पूरी तरह खत्म करना है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा लागू किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट को भारतीय रेलवे से भी निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। सरकार ने इस पूरे काम को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
70 अनधिकृत कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
इस योजना के तहत मुंडका हॉल्ट स्टेशन के पास से सप्लीमेंट्री ड्रेन तक 4.5 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इस ड्रेन की क्षमता 760 क्यूसेक होगी, जिससे पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी। इस बुनियादी ढांचे के तैयार होने से किरारी निर्वाचन क्षेत्र की लगभग 70 अनधिकृत कॉलोनियों को स्थायी समाधान मिलेगा।
सिर्फ किरारी ही नहीं, बल्कि इस प्रोजेक्ट का लाभ मुंडका, बवाना और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों को भी मिलेगा। इसमें रानी खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया, वेणु एन्क्लेव, रतन पार्क, राजधानी पार्क, जेजे क्लस्टर कॉलोनी, राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन, राम नगर, कुंवर सिंह नगर, निलोठी गांव, रोहिणी सेक्टर 20, 21, 22, जेजे क्लस्टर नांगलोई, अध्यापक नगर और शिवराम पार्क जैसे इलाके शामिल हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस कदम को जनता की सुरक्षा और आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय बताया है। वहीं, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश साहिब सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार अब अस्थायी इंतजामों के बजाय एक मजबूत और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनाने को प्राथमिकता दे रही है, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।