चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन: दिल्ली और गोवा में CJP कार्यकर्ताओं पर पुलिस का बड़ा एक्शन

देश की राजधानी दिल्ली और गोवा में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे Cockroach Janata Party (CJP) के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। यह पूरा विवाद चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं को लेकर है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते अब दोनों राज्यों में पुलिसिया कार्रवाई तेज हो गई है।
गोवा में 300 अज्ञात लोगों पर FIR, दिल्ली में भारी हिरासत
गोवा के पणजी में 11 अक्टूबर को हुए एक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। यहां करीब 300 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई तलीगाओ निवासी रामप्रसाद केल्कर की शिकायत पर हुई, जिन्होंने सोशल मीडिया पर हिंदू विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 196 और 299 के तहत केस दर्ज किया गया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए साफ कहा है कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, दिल्ली में पुलिस ने धारा 163 (BNSS) लागू कर पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा रखी है। इसी बीच, 16 अक्टूबर को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को तब हिरासत में लिया गया जब वे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क की ओर 'लेहरा दो तिरंगा' मार्च निकाल रहे थे। पुलिस की सख्ती यहीं नहीं रुकी; 17 अक्टूबर को भी 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल थीं। इसके अलावा, दो लोगों को गाड़ी में लकड़ी की छड़ें ले जाते हुए गिरफ्तार किया गया है।
दूसरी तरफ, CJP के नेतृत्व ने इन कार्रवाइयों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उनका एकमात्र उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। हालांकि, पुलिस का तर्क है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन अनधिकृत सभाओं पर कानूनी कार्रवाई करना जरूरी था।