Delhi Gen Z Voters: दिल्ली में Gen Z वोटर्स को वोटर लिस्ट रजिस्ट्रेशन में आ रही भारी मुश्किलें, डेडलाइन बढ़ी

Kittu Kumari12 August 20262 min read176 viewsDelhi Local
Delhi Gen Z Voters: दिल्ली में Gen Z वोटर्स को वोटर लिस्ट रजिस्ट्रेशन में आ रही भारी मुश्किलें, डेडलाइन बढ़ी

दिल्ली में Gen Z वोटर्स को इलेक्टोरल रोल (Electoral Roll) के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान अपने नाम जोड़ने और फॉर्म हासिल करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई युवाओं के परिवार के नाम पुरानी वोटर लिस्ट में नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। अगस्त 2026 की शुरुआत तक 62% से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म (enumeration forms) को डिजिटाइज (digitize) किया जा चुका है, हालांकि दिल्ली के Chief Electoral Officer के ऑफिस का कहना है कि यह प्रक्रिया उम्मीद से धीमी रही है और फाइनल इलेक्टोरल रोल अक्टूबर 2026 के आखिर में पब्लिश किया जाएगा।

  • दिल्ली में Gen Z वोटर्स को वोटर लिस्ट रजिस्ट्रेशन में आ रही दिक्कतें।
  • SIR के तहत अब BLOs द्वारा घर-घर वेरिफिकेशन 17 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा।
  • ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 24 अगस्त 2026 को पब्लिश किया जाएगा।
  • फाइनल इलेक्टोरल रोल 27 अक्टूबर 2026 को पब्लिश होगा।
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इलेक्शन कमीशन ने बढ़ाई डेडलाइन

Election Commission of India (ECI) ने SIR की डेडलाइन को दो बार बढ़ाया है, जिसके तहत Booth Level Officers (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का काम अब 17 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 24 अगस्त 2026 को पब्लिश किया जाएगा, जिसके बाद 23 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि होगी। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को फाइनल इलेक्टोरल रोल पब्लिश किया जाएगा, जिसमें 1 अक्टूबर 2026 को नाम शामिल करने की क्वालिफाइंग डेट (qualifying date) तय किया गया है। Delhi's Chief Electoral Officer के अनुरोध पर लिए गए इस फैसले के तहत ECI का मुख्य उद्देश्य सभी योग्य वोटर्स को शामिल करके और अयोग्य या डुप्लीकेट एंट्री को हटाकर इलेक्टोरल रोल की शुद्धता और सटीकता सुनिश्चित करना है (Source)।

ग्रामीण इलाकों और अनाधिकृत कॉलोनियों में भी आ रही परेशानियां

यह मुश्किलें सिर्फ Gen Z तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों के कई रेजिडेंट्स ने भी शिकायत की है कि उन्हें फॉर्म नहीं मिले हैं। BLO ने पाया है कि दिल्ली के 15-20% रजिस्टर्ड वोटर अपने रजिस्टर्ड पते पर मौजूद नहीं हैं, जिसकी एक बड़ी वजह यहां की माइग्रेंट (migrant) आबादी है, जिससे नाम कटने की चिंता बढ़ गई है। मौत, जगह बदलने या अनुपस्थिति जैसे कारणों से लगभग 11.9 लाख वोटर्स (जो राजधानी के कुल वोटर्स का 8.2% हैं) को 'uncollectible' के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अलावा, 2002 के बाद शादीशुदा महिलाओं को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनकी डिटेल्स मौजूदा परिवार के रिकॉर्ड से मैच नहीं हो रही हैं। Delhi's Chief Electoral Officer अशोक कुमार ने रेजिडेंट्स से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर BLOs के साथ सहयोग करें, और अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे बंद घरों पर कम से कम तीन बार जाएं।

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