CAG Report: देश की GDP में दिल्ली की हिस्सेदारी घटी, विधानसभा में रिपोर्ट पेश

नई दिल्ली में सोमवार, 10 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में 'State Finances for the year 2024-25' पर कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में राज्य के Gross State Domestic Product (GSDP) में गिरावट और देश के Gross Domestic Product (GDP) में दिल्ली की हिस्सेदारी कम होने का खुलासा हुआ है, जो अन्य भारतीय राज्यों की तुलना में धीमी आर्थिक वृद्धि दर को दर्शाता है। इस संबंध में अधिक जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है।
CAG रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े
CAG रिपोर्ट के अनुसार, भारत की GDP में दिल्ली का योगदान 2015-16 के 4% से गिरकर 2024-25 में 3.67% रह गया है। इसके अलावा, 2015-25 की अवधि के दौरान दिल्ली के प्रति व्यक्ति GSDP की वार्षिक यौगिक औसत वृद्धि दर 6.39% थी, जो देश की 8.14% प्रति व्यक्ति GDP वृद्धि दर से काफी कम थी। इसके बावजूद, चालू कीमतों पर दिल्ली का GSDP 2024-25 में ₹12.15 लाख करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.17% की वृद्धि है। रिपोर्ट में विशेष रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकाल के दौरान दिल्ली सरकार की वित्तीय स्थिति, खर्च के पैटर्न, कर्ज और वित्तीय जिम्मेदारी के मानदंडों का पालन करने की बारीकी से जांच की गई है (Source)।
विधानसभा सत्र में सरकार का AAP पर हमला
7 अगस्त से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलने वाले मौजूदा मानसून सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री गुप्ता ने AAP की आलोचना करते हुए 19 CAG रिपोर्टों में हजारों करोड़ रुपये के घोटालों का आरोप लगाया, जिसमें ₹30,000 करोड़ का कथित घोटाला और बिजली कंपनियों से ₹38,000 करोड़ का बकाया शामिल है। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी पूर्व अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और दुरुपयोग का आरोप लगाने के लिए CAG रिपोर्ट का इस्तेमाल किया। उसी सत्र में चर्चा की गई एक अन्य CAG रिपोर्ट में GST e-way bill सिस्टम और बिजली सब्सिडी वितरण में समस्याओं के साथ-साथ ₹2,030 करोड़ से अधिक की वित्तीय गड़बड़ियां भी उजागर हुईं।