दिल्ली सरकार ने गणेश विसर्जन के लिए बनाए 250 से अधिक संग्रह केंद्र और 81 कृत्रिम तालाब

Kittu Kumari25 September 20261 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार ने गणेश विसर्जन के लिए बनाए 250 से अधिक संग्रह केंद्र और 81 कृत्रिम तालाब

दिल्ली सरकार ने पर्यावरण की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए अनंत चतुर्दशी पर 25 सितंबर 2026 को होने वाले गणेश विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सरकार ने खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री के विसर्जन के लिए राजधानी भर में 250 से अधिक संग्रह केंद्र बनाए हैं। इसमें मंदिरों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 110 विशेष संग्रह केंद्र और 250 से अधिक 'विसर्जन पात्र' शामिल हैं (Source)। गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए दिल्ली के सभी 13 जिलों में 81 कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने औपचारिक रूप से श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मूर्तियों को सीधे यमुना नदी में विसर्जित न करें। उन्होंने प्लास्टिक या गैर-बायोडिग्रेडेबल पदार्थों से बनी मूर्तियों के बजाय मिट्टी या प्राकृतिक सामग्रियों से बनी पर्यावरण के अनुकूल मूर्तियों के उपयोग को प्राथमिकता देने को कहा है।

यमुना में मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध और जुर्माने का प्रावधान

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने यमुना और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में मूर्तियों के सीधे विसर्जन पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है। सभी निर्धारित विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सेवाओं, आपातकालीन सहायता और यातायात प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने इन केंद्रों पर एकत्र की गई सभी सामग्रियों के पुनर्चक्रण और रीसाइक्लिंग की जिम्मेदारी ली है, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

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