दिल्ली FSL की बड़ी कामयाबी, लंबित मामलों में हुई 79 फीसदी की भारी कमी

दिल्ली एफएसएल ने लंबित मामलों में 78.88% की कमी की है। अब शेख सराय में बनेगा नया रीजनल लैब।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली FSL की बड़ी कामयाबी, लंबित मामलों में हुई 79 फीसदी की भारी कमी

दिल्ली में आपराधिक मामलों की जांच और न्याय प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पिछले एक साल के भीतर लैब ने लंबित मामलों (Case Pendency) की संख्या में करीब 78.88% की भारी गिरावट दर्ज की है। यह कदम न केवल जांच एजेंसियों के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि पीड़ितों को भी जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बदलाव वाकई चौंकाने वाला है। साल भर पहले जहां लंबित मामलों की संख्या लगभग 27,000 थी, वहीं अब इसे घटाकर महज 5,700 तक लाया गया है। इस सफलता के पीछे प्रशासनिक सुधार और आधुनिक तकनीक का बड़ा हाथ रहा है। लैब में नई मशीनें, डिजिटल उपकरण और एडवांस टेक्निकल टूल्स तैनात किए गए हैं, जिससे जांच की रफ्तार बढ़ी है।

शेख सराय में बनेगा नया रीजनल लैब, 151 करोड़ का बजट

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रोहिणी स्थित मुख्य लैब पर बढ़ते काम के बोझ को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शेख सराय में एक नया रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (RFSL) बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 151.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है, जिससे राजधानी की फॉरेंसिक जांच क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार खाली पड़े नियमित पदों को भरने की प्रक्रिया में जुटी है और साथ ही मौजूदा कॉन्ट्रैक्टुअल व टेक्निकल स्टाफ का कार्यकाल भी बढ़ाया गया है ताकि काम में कोई रुकावट न आए।

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने इस प्रगति का श्रेय प्रशासनिक और ऑपरेशनल सुधारों को दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंडेंसी में यह कमी आपराधिक न्याय प्रणाली को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि विज्ञान और रफ्तार दोनों मिलकर नागरिकों की सेवा करें और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिले।

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