दिल्ली में फ्री सोलर पैनल की धूम, एक महीने में 1 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन

राजधानी दिल्ली के लोग अब बिजली के बिलों से छुटकारा पाने और क्लीन एनर्जी अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहे हैं। दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई फ्री रूफटॉप सोलर योजना को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह है। पोर्टल लॉन्च होने के महज एक महीने के भीतर ही 1 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपना पंजीकरण कराया है।
इस पहल की शुरुआत 21 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा की गई थी, जिससे पहले 17 सितंबर को दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी में संशोधन कर उसे गजट में अधिसूचित किया गया था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2026 तक कुल 1,02,461 रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं। यह योजना 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के अनुरूप तैयार की गई है।
2.30 लाख घरों को मिलेगा फायदा, दिवाली के बाद शुरू होगा काम
सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक करीब 2.30 लाख आवासीय घरों में 3 किलोवाट (kW) तक के फ्री रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है। इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनका मासिक बिजली खर्च 400 यूनिट तक है। 'यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन' (ULA) मॉडल के तहत, इंस्टॉलेशन का पूरा शुरुआती खर्च सरकार उठाएगी और साथ ही पांच साल तक इसका मेंटेनेंस भी मुफ्त रहेगा।
रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में आवेदन आए हैं:
- BSES राजधानी पावर लिमिटेड: 37,168 रजिस्ट्रेशन
- BSES यमुना पावर लिमिटेड: 32,718 रजिस्ट्रेशन
- टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड: 32,575 रजिस्ट्रेशन
बिजली मंत्री आशीष सूद ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दिया है और कहा कि दिल्ली को देश की 'सोलर कैपिटल' बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, अभी केवल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। वेंडर्स के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, दिवाली के बाद से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का भौतिक कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के सदस्य भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इस सिस्टम में नेट मीटरिंग की सुविधा होगी, जिससे उपभोक्ता अपनी जरूरत से ज्यादा पैदा होने वाली बिजली को ग्रिड में भेज सकेंगे और बिजली बिलों में बचत कर पाएंगे।