दिल्ली स्थापना दिवस: एलजी, स्पीकर और सीएम ने दी शुभकामनाएं, 'विकसित दिल्ली' का संकल्प
दिल्ली स्थापना दिवस के मौके पर उपराज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने शहर की विरासत और आधुनिक प्रगति की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

देश की राजधानी में रविवार को दिल्ली स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के सभी निवासियों को बधाई दी। तीनों दिग्गजों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए अपने संदेश साझा किए और दिल्ली की समृद्ध विरासत व आधुनिक पहचान पर गर्व जताया।
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली अपनी शाश्वत विरासत और जीवंत संस्कृति के जरिए एक एकजुट भारत की भावना को दर्शाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सब मिलकर एक ऐसी 'विकसित दिल्ली' के निर्माण की दिशा में काम करें, जहां आधुनिक प्रगति और सांस्कृतिक विरासत के बीच एक बेहतरीन संतुलन हो।
विरासत और आधुनिकता का संगम
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इंद्रप्रस्थ के गौरवशाली इतिहास से लेकर आज के आधुनिक महानगर तक के सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने अपनी ऐतिहासिक पहचान, संस्कृति और परंपराओं को बखूबी संजोकर रखा है। गुप्ता के अनुसार, यहां के स्मारक, कला, खान-पान और लोक परंपराएं ही इस शहर को एक विशिष्ट पहचान दिलाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विरासत और विकास का यह मेल विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को इतिहास और भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बताया। उन्होंने याद दिलाया कि 1 नवंबर 1956 को दिल्ली के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ था, जब इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला। मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि वे दिल्ली की प्राचीन पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने हर घर में आधुनिक सुविधाएं और समृद्धि सुनिश्चित करने का वादा किया, ताकि शहर का भविष्य उसके गौरवशाली अतीत की तरह ही शानदार हो।