दिल्ली में फूड सेफ्टी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 922 किलो मिलावटी मिठाई नष्ट
दिल्ली फूड सेफ्टी विभाग ने त्योहारों से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 922 किलो मिलावटी मिठाई और खोया नष्ट किया।

त्योहारों के सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ दिल्ली सरकार के फूड सेफ्टी विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए करीब 922 किलोग्राम मिलावटी खाद्य पदार्थों को जब्त कर उन्हें नष्ट कर दिया। यह पूरी कार्रवाई शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ की गई ताकि मिलावटखोर बचकर न भाग सकें।
निहाल विहार और मोरी गेट मंडी में छापेमारी
विभाग की टीम ने सबसे पहले निहाल विहार इलाके में धावा बोला, जहां 13 अलग-अलग ठिकानों की जांच की गई। इनमें बिना लाइसेंस के चल रहे रसगुल्ला बनाने वाले यूनिट और मिठाई की दुकानें शामिल थीं। इस छापेमारी के दौरान कुल 402 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई, जिसमें 265 किलो रसगुल्ले, 45 किलो छेना, 80 किलो मिल्क केक और 12 किलो कसा हुआ नारियल शामिल था। अधिकारियों ने पनीर, लड्डू और मिल्क केक के 14 सैंपल भी लिए हैं, जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है।
इसके बाद टीम मोरी गेट खोया मंडी पहुंची, जहां हालात और भी खराब मिले। यहां 520 किलोग्राम सड़ा हुआ कच्चा माल बरामद हुआ, जिसमें 370 किलो खोया और 150 किलो छेना था। यह सामान लावारिस हालत में पड़ा था और इससे तेज बदबू आ रही थी। मौके से खोया के तीन सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं। गौरतलब है कि इसी मंडी में 4 सितंबर को जन्माष्टमी के मौके पर भी 3,050 किलो खोया और पनीर नष्ट किया गया था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पूरी कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए फूड सेफ्टी विभाग को निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान लगातार औचक निरीक्षण जारी रखा जाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि खाद्य शुद्धता के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।