त्योहारों से पहले दिल्ली में मिठाई दुकानों पर छापेमारी, भारी गंदगी देख भड़की सरकार

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंदीदा मिठाई कितनी शुद्ध है? दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने राजधानी की बड़ी मिठाई दुकानों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में अचानक छापेमारी शुरू कर दी है। चांदनी चौक से लेकर ओखला तक चली इस कार्रवाई का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लोग सेहतमंद और सुरक्षित खाद्य पदार्थ खाएं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि त्योहारों की खुशी तभी है जब परिवारों का बाजार से खरीदे गए खाने पर पूरा भरोसा हो।
छापेमारी के दौरान कई नामी दुकानों की असलियत सामने आई, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। ओखला स्थित 'एवरग्रीन स्वीट हाउस' में स्टोरेज एरिया में कीड़े-मकोड़े पाए गए और कर्मचारी बिना ग्लव्स के खाना बनाते दिखे। वहीं, 'ग्रोवर स्वीट कॉर्नर' और 'मीठी फूड्स' में खुले डस्टबिन, चिमनियों पर मकड़ी के जाले और कोल्ड स्टोरेज में रखे सामान पर लेबलिंग की कमी जैसे गंभीर उल्लंघन मिले।
इन बड़े ब्रांड्स की हुई जांच, सैंपल लैब भेजे गए
विभाग की यह कार्रवाई केवल छोटे आउटलेट्स तक सीमित नहीं थी, बल्कि शहर के कई मशहूर प्रतिष्ठानों पर भी गाज गिरी है। चांदनी चौक के 'छेना राम सिंधी हलवाई' और 'भिकराम चंदमल प्राइवेट लिमिटेड' में स्वच्छता की कमी पाई गई और वहां से सैंपल लिए गए। विद्या विहार इंडस्ट्रियल एरिया और उत्तम नगर स्थित 'कालीघाट स्वीट्स' से केसर रसभरी, आलू भुजिया, घी और पालक बूंदी जब्त की गई।
इसके अलावा, नरेला के 'अमन मिठाईवाला' और बडली स्थित 'पूरी बेकर' व 'बंसीवाल स्वीट्स' में लाइसेंस डिस्प्ले और कर्मचारियों की ट्रेनिंग में कमी पाई गई। मथुरा रोड पर 'हल्दीराम मार्केटिंग' और पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया की 'हीरा स्वीट्स' से खोया, पिस्ता बर्फी, केसर पेड़ा, मिल्क केक, बूंदी लड्डू और केक में इस्तेमाल होने वाले फैट इमल्शन के सैंपल लिए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सभी सैंपल्स को जांच के लिए प्रयोगशालाओं (लैब्स) में भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि दोषी दुकानों के खिलाफ क्या कड़ी कार्रवाई की जाएगी।