दिल्ली में मिलावटी मिठाइयों पर चला प्रशासन का डंडा, 922 किलो खोया और मिठाई नष्ट
दिल्ली सरकार ने त्योहारों के मद्देनजर फूड सेफ्टी ड्राइव चलाई, जिसमें निहाल विहार और मोरी गेट से भारी मात्रा में मिलावटी मिठाई जब्त की गई।

त्योहारों के सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन ने एक विशेष दिल्ली फूड सेफ्टी ड्राइव शुरू की है, जिसके तहत अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर करीब 922 किलोग्राम मिलावटी और सड़ी-गली मिठाइयों व खोए को नष्ट कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने निहाल विहार इलाके में बड़ी कार्रवाई की, जहां 13 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान बिना लाइसेंस के चल रही रसगुल्ला बनाने वाली यूनिट्स और मिठाई की दुकानों की जांच की गई। यहां से करीब 402 किलो खाद्य सामग्री बरामद हुई, जिसमें 265 किलो रसगुल्ला, 80 किलो मिल्क केक, 45 किलो छेना और 12 किलो कसा हुआ नारियल शामिल था। इन सभी चीजों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। साथ ही, जांच के लिए पनीर, मोतीचूर लड्डू और बेसन लड्डू समेत 14 सैंपल लैब भेजे गए हैं।
मोरी गेट मंडी में मिला सड़ा हुआ खोया
दूसरी बड़ी कार्रवाई मोरी गेट खोया मंडी में हुई, जहां अधिकारियों को 520 किलो सड़ा हुआ और बदबूदार खोया व छेना मिला। अधिकारियों ने पाया कि 370 किलो खोया और 150 किलो छेना लावारिस हालत में पड़ा था और पूरी तरह सड़ चुका था। इसे तुरंत नष्ट कर दिया गया और तीन सैंपल जांच के लिए लिए गए। गौरतलब है कि इससे पहले 4 सितंबर को जन्माष्टमी के मौके पर भी इसी मंडी से करीब 3,050 किलो खोया और पनीर नष्ट किया गया था।
इस पूरी कार्रवाई पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनता की सेहत के साथ समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मिठाइयां हमारी परंपरा और विश्वास का हिस्सा हैं, इसलिए उनकी शुद्धता सुनिश्चित करना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ज्यादा मुनाफे के लिए लोगों की जान जोखिम में डालने वाले कारोबारियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान इस तरह की औचक छापेमारी जारी रहेगी।