दिल्ली में मिलावटी घी का खेल: सीएम रेखा गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश, कई सैंपल फेल

दिल्ली की जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली फूड सेफ्टी ड्राइव के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। इस अभियान का मुख्य निशाना ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों द्वारा संचालित वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स रहे, जहां खाद्य सुरक्षा के मानकों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं।
जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विभाग ने जब बाजार से अलग-अलग ब्रांड के देसी घी के 59 सैंपल लिए, तो उनमें से 19 सैंपल पूरी तरह असुरक्षित पाए गए। वहीं, चार सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसका मतलब है कि करीब 42 प्रतिशत घी के सैंपल फेल हो गए हैं, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शनिवार को इन नतीजों को साझा करते हुए साफ किया कि मिलावटखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वेयरहाउस में मिली गंदगी और एक्सपायर्ड सामान
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जब क्विक-कॉमर्स और रिटेल कंपनियों के स्टोरेज सेंटरों की तलाशी ली, तो वहां की हालत बेहद खराब मिली। अधिकारियों को कई जगहों पर एक्सपायर्ड (समय सीमा समाप्त) उत्पाद मिले। साथ ही, स्टोर में कीड़े-मकोड़ों की मौजूदगी, अस्वास्थ्यकर भंडारण और कोल्ड स्टोरेज के तापमान में कमी जैसी गंभीर खामियां पाई गईं। कई पैकेट फटे हुए थे और लेबलिंग में भी गड़बड़ी थी।
यह छापेमारी दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, ताहोगर गार्डन, नाहरपुर, पोसांगीपुर, रामपुरा, कल्याणपुरी, कृष्णा विहार और कोंडली में की गई। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किया है और नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "खाद्य गुणवत्ता से समझौता करना या मिलावट के जरिए लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दिल्लीवासियों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"
अब मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामान सप्लाई करने वाले स्टोर और बाजारों की निगरानी और कड़ी करें। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली के हर परिवार को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले और खाद्य व्यापार में जवाबदेही तय की जाए।