दिल्ली में मिलावटी खाने पर बड़ा एक्शन: 290 में से 85 सैंपल फेल, 4000 किलो सामान नष्ट
दिल्ली फूड सेफ्टी विभाग ने दो महीने में 290 सैंपल लिए, जिनमें से 85 असुरक्षित पाए गए। 4000 किलो मिलावटी खाना नष्ट किया गया।

राजधानी दिल्ली में आपकी थाली तक पहुँचने वाला खाना कितना सुरक्षित है, इस पर अब सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली फूड सेफ्टी एक्शन के तहत पिछले दो महीनों में विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के निर्देशों पर चलाए गए इस अभियान में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विभाग ने कुल 290 खाद्य नमूनों की जांच की, जिनमें से 85 सैंपल असुरक्षित या घटिया स्तर के पाए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए करीब 4,000 किलोग्राम मिलावटी खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया है। यह अभियान मुख्य रूप से थोक बाजारों में बिकने वाले घी, पनीर, खोया और मिठाइयों जैसे उत्पादों पर केंद्रित था, जिनमें मिलावट की संभावना सबसे अधिक होती है।
बिना लाइसेंस चल रही थीं मिठाइयों की यूनिट्स
जांच अभियान के दौरान निहाल विहार इलाके में एक बड़ा खुलासा हुआ, जहाँ अधिकारी ने 12 ऐसी मिठाई बनाने वाली यूनिट्स पकड़ीं, जिनके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। यहाँ से लगभग 400 किलो मिठाई जब्त कर नष्ट की गई। विभाग ने केवल बाजारों तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि रेस्टोरेंट्स, बैंक्वेट हॉल, क्लब्स और रिटेल आउटलेट्स की भी तलाशी ली।
आजकल तेजी से बढ़ रहे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया के जरिए खाना बेचने वालों को भी इस रडार पर रखा गया है। इतना ही नहीं, अस्पतालों की रसोई में भी निरीक्षण किया गया ताकि मरीजों को मिलने वाले भोजन की शुद्धता सुनिश्चित हो सके।
नवरात्रि के दौरान व्रत के सामान जैसे कुट्टू आटा, समाक चावल, सिंघाड़ा आटा और साबूदाने की भी गहन जांच की गई। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के जनसुनवाई प्लेटफॉर्म पर मिली शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की गई। एक अलग अभियान में सात बेकरी की जांच कर 10 सैंपल लिए गए।
"खाद्य सुरक्षा हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। त्योहारों और शादियों के सीजन में हमारी सतर्कता और बढ़ेगी।"
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने यह चेतावनी देते हुए साफ किया कि आने वाले समय में भी ऐसी छापेमारी जारी रहेगी ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिल सके।