दिल्ली फायर सर्विस में बड़ा बदलाव: 84 साल बाद कैडर पुनर्गठन, 2345 नए पदों को मंजूरी

दिल्ली फायर सर्विस के इतिहास में पहली बार बड़ा कैडर पुनर्गठन, 2345 नए पदों की मंजूरी से बढ़ेगी सुरक्षा।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली फायर सर्विस में बड़ा बदलाव: 84 साल बाद कैडर पुनर्गठन, 2345 नए पदों को मंजूरी

राजधानी दिल्ली में आपातकालीन सेवाओं और अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली फायर सर्विस (DFS) में 2,345 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि साल 1942 में स्थापित इस विभाग के 84 साल के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर कैडर पुनर्गठन (Cadre Restructuring) किया जा रहा है। इस कदम के बाद विभाग में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 3,096 से बढ़कर अब 5,441 हो जाएगी।

मुख्यमंत्री का मानना है कि दिल्ली की बढ़ती आबादी, गगनचुंबी इमारतों और घनी बस्तियों के कारण अग्नि सुरक्षा की चुनौतियां बढ़ गई हैं। ऐसे में लोगों की जान और माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फायर सर्विस को सशक्त बनाना बेहद जरूरी था। इस पुनर्गठन के जरिए न केवल फ्रंटलाइन स्टाफ की संख्या बढ़ेगी, बल्कि वरिष्ठ पर्यवेक्षी पदों पर भी नियुक्तियां होंगी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में रिस्पांस टाइम बेहतर होगा और कार्यक्षमता में सुधार आएगा।

इन पदों पर होगी भर्ती और सुधार

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस बड़े बदलाव के तहत विभाग के विभिन्न रैंकों और श्रेणियों में पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित पद शामिल हैं:

  • डेप्युटी चीफ फायर ऑफिसर और डिविजनल ऑफिसर
  • असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर और स्टेशन ऑफिसर
  • सब-ऑफिसर और लीडिंग फायरमैन
  • फायर ऑपरेटर, चपरासी और माली

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि आग या किसी भी आपदा के समय हर एक मिनट कीमती होता है। पर्याप्त प्रशिक्षित मैनपावर और मजबूत नेतृत्व संरचना ही लोगों की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में फायर सर्विस का काम सिर्फ आग बुझाना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन बचाव कार्यों को संभालना भी है।

वहीं, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह लंबे समय से प्रतीक्षित कदम था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जन सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री की पहल पर लिया गया यह निर्णय दिल्ली को एक सुरक्षित और आपदा-सहिष्णु राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है, जिससे विभाग अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेगा।

Share:

Comments

Leave a comment