दिल्ली में फायर एनओसी यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया 24 अगस्त से रुकी हुई है।दिल्ली फायर सर्विस के चीफ ऑफिसर एके मलिक ने बताया कि सरकार के नए नियमों के तहत तीसरे पक्ष यानी थर्ड पार्टी को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने की जिम्मेदारी दी जानी थी।लेकिन अभी तक किसी भी एजेंसी का चयन नहीं हो पाया है जिसके कारण एनओसी नहीं मिल पा रही है।
दिल्ली फायर सर्विस रूल्स में मई में संशोधन किया गया था जिसके तहत नियमों 35 और 37 के अंतर्गत थर्ड पार्टी को यह जिम्मेदारी मिलनी थी।एके मलिक ने बताया कि थर्ड पार्टी के चयन के लिए दो बार नोटिस जारी किए गए थे।
लेकिन बहुत कम आवेदन आए और कोई भी आवेदन जरूरी मानदंडों पर खरा नहीं उतरा जिस वजह से अभी तक कोई थर्ड पार्टी नियुक्त नहीं हो सकी है।एके मलिक ने पहले यह भी बताया था कि इस साल गर्मियों के मौसम में दिल्ली में आग लगने की घटनाएं पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा दर्ज की गईं।सूखे मौसम और बढ़ते तापमान के कारण आग लगने का खतरा बढ़ जाता है और इस साल मरने वालों की संख्या भी अधिक रही है जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
आग से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए फायर डिपार्टमेंट ने सभी घरों में स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है।विभाग का मानना है कि इस तरह के उपायों से इमारत के अंदर आग लगने पर मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है और मौजूदा इमारतों में बदलाव का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।