दिल्ली में त्योहारी सीजन में 1 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान, विरोध प्रदर्शनों से व्यापारी चिंतित
दिल्ली के बाजारों में दिवाली और छठ पूजा के दौरान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों ने चिंता बढ़ाई है।

राजधानी दिल्ली के बाजारों में इस समय जबरदस्त रौनक है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में दिल्ली में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस होने की उम्मीद है। ग्राहकों की बढ़ती संख्या और मांग में आए उछाल ने व्यापारियों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है। CAIT का मानना है कि यह तेजी साल के अंत तक बनी रहेगी, क्योंकि दिवाली के बाद अब छठ पूजा और 21 नवंबर से शुरू होने वाले शादी-ब्याह के सीजन (देवउठनी एकादशी) का इंतजार है।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश की बात करें तो नवरात्रि से दिवाली तक के इस समय में कुल टर्नओवर 7 लाख करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, इस सकारात्मक माहौल के बीच व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें भी हैं। इसका मुख्य कारण शहर में होने वाले राजनीतिक प्रदर्शन और रैलियां हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ता है।
राजनीतिक रैलियों से व्यापार को नुकसान
व्यापारियों ने अपनी चिंताएं दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू तक पहुंचाई हैं। CAIT ने 2 नवंबर को एक औपचारिक अनुरोध किया कि राजनीतिक रैलियों, धरने और प्रदर्शनों को शहर के बाहरी इलाकों में निर्धारित जोन तक ही सीमित रखा जाए। आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली में औसतन हर दिन करीब 2,200 करोड़ रुपये का व्यापार होता है, लेकिन पिछले एक महीने में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और ट्रैफिक जाम की वजह से करीब 14 दिनों तक कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा।
चांदनी चौक से सांसद और CAIT के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने साफ किया कि आर्थिक विकास को जारी रखने के लिए एक स्थिर माहौल का होना बेहद जरूरी है। इन प्रदर्शनों की वजह से रिटेल, होलसेल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। अब व्यापारी दिवाली के बाद की रणनीति तैयार कर रहे हैं ताकि भविष्य में व्यावसायिक गतिविधियां इन सार्वजनिक प्रदर्शनों से प्रभावित न हों और व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे।