चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन: दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर लगा भारी जाम, रूट बदले

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा निकाले जा रहे विरोध मार्च के कारण बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई थी। सुरक्षा बलों द्वारा हर वाहन की गहन जांच की जा रही थी, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक रेंगने लगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस स्थिति को देखते हुए सुबह 6 बजे से ही रूट डायवर्जन लागू कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के करीब 30 प्रमुख हिस्सों में ट्रैफिक प्रभावित रहने की आशंका थी, जिनमें आईटीओ (ITO), कनॉट प्लेस, धौला कुआं और मंडी हाउस जैसे व्यस्त इलाके शामिल थे।
मेट्रो सेवाएं और यात्रा पर असर
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर भी असर पड़ा। सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी House, सेंट्रल സെക്രട്ടरिएट और बाराखंबा रोड जैसे स्टेशनों को बंद रखा गया, हालांकि इंटरचेंज की सुविधा चालू रही। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी थी कि वे रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी या एयरपोर्ट जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
बता दें कि यह पूरा विवाद INDIA गठबंधन द्वारा वर्तमान चुनावी संशोधन प्रक्रिया का विरोध करने के कारण शुरू हुआ है। राजनीतिक नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की कोशिश की, लेकिन मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक और सुरक्षा इंतजामों में समय-समय पर बदलाव किए जा रहे हैं।