दिल्ली: तांत्रिक बनकर बुजुर्ग से 39 लाख ठगे, पुलिस ने फर्जी 'कृष्ण पंडित' समेत 3 को दबोचा

राजधानी दिल्ली में अंधविश्वास के जाल में फंसाकर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 79 वर्षीय बुजुर्ग को पुरखों का दबा हुआ सोना निकालने का लालच देकर करीब 39.30 लाख रुपये लूट लिए गए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग के घर से करीब 15 लाख रुपये के गहने भी पार कर दिए। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह पूरा मामला सीमापुरी थाने में दर्ज एक शिकायत से शुरू हुआ। पीड़ित गिरिजेश सिंह (79) ने पुलिस को बताया कि शोएब अली, महाकादर खान और खुद को 'कृष्ण पंडित' बताने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वे तांत्रिक अनुष्ठानों के जरिए जमीन में दबे उनके पूर्वजों के सोने को बाहर निकाल सकते हैं। आरोपियों ने बुजुर्ग का भरोसा जीतने के लिए उन्हें एक असली सोने का सिक्का भी दिखाया, जिसके बाद उन्होंने कैश और यूपीआई के जरिए कुल 39,30,588 रुपये ठग लिए।
नशीला पदार्थ खिलाकर घर से उड़ाए गहने
ठगी का खेल यहीं नहीं रुका। 4 अगस्त की रात आरोपियों ने बुजुर्ग के घर पर एक कथित अनुष्ठान का आयोजन किया। उन्होंने मिट्टी से भरे स्टील के बर्तनों और नकली सोने की ईंटों का इस्तेमाल कर नाटक रचा। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उन्हें कोई नशीला पदार्थ दिया गया, जिससे वे बेहोश हो गए। जब उनकी नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि उनकी अलमारी में रखे करीब 15 लाख रुपये के सोने के गहने गायब थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शाहदरा जिले के स्पेशल स्टाफ को जांच सौंपी गई। तकनीकी जांच और सबूतों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित अंबा विहार पहुंची। यहाँ पुलिस ने पाया कि जो व्यक्ति खुद को 'कृष्ण पंडित' बता रहा था, उसकी असली पहचान तहसीन है।
पुलिस ने तहसीन के पास से एक कार, 2,73,000 रुपये नकद, गहने, तांत्रिक कपड़े, दो आधार कार्ड (एक तहसीन और दूसरा कृष्ण शर्मा के नाम पर), पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि वह लोगों को ठगने के लिए कृष्ण शर्मा की पहचान का इस्तेमाल करता था। इसके बाद पुलिस ने इस साजिश में शामिल अन्य दो आरोपियों, शोएब अली और महाकादर खान को भी गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने बुजुर्ग की पहचान उस फर्जी तांत्रिक से कराई थी।