दिल्ली एक्जीक्यूटिव युवराज सिंह मनचंदा की मौत के मामले में वित्तीय धोखाधड़ी की जांच शुरू

दिल्ली के 31 वर्षीय एक्जीक्यूटिव युवराज सिंह मनचंदा की मौत की जांच के सिलसिले में पुलिस अन्या वत्स और संयम सचदेवा की वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है। मनचंदा अडानी रियल्टी में सेल्स का काम करते थे और उनके लापता होने के बाद उनका शव 10 सितंबर 2026 को बरामद किया गया था तथा परिवार को सूचित किए बिना 14 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। अधिकारियों द्वारा वर्तमान में 1.2 करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी के मामले और लगभग 4 करोड़ रुपये के संपत्ति विवाद की जांच की जा रही है, जिसका विवरण PTI News पर उपलब्ध है।
धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोप
अन्या वत्स और संयम सचदेवा के खिलाफ अगस्त में संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय के फर्जी नोटिस का उपयोग करके धन ऐंठा। शिकायतकर्ता ने अन्या वत्स के बैंक खाते में 1.2 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर करने की बात कही और आरोपियों ने अतिरिक्त 26 करोड़ रुपये की मांग की।
संपत्ति विवाद और पुलिस जांच
वित्तीय अपराधों के साथ-साथ, जांचकर्ता संयम सचदेवा, उनकी अलग रह रही पत्नी और अन्या वत्स से जुड़े 4 करोड़ रुपये के संपत्ति विवाद की भी जांच कर रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इन वित्तीय अपराधों और मनचंदा की कथित हत्या के बीच सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है, लेकिन वे घटनाओं के क्रम को जोड़ रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात कही गई है, लेकिन दिल्ली पुलिस को संदेह है कि मनचंदा को गोली मारी गई थी और आरोपियों के इशारे पर एक पिस्तौल भी बरामद की गई है।
अदालत का निर्देश
इस मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, साकेत अदालत ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे 22 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक इस मामले से जुड़े सभी फोरेंसिक, मेडिकल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड पेश करें। यह निर्देश पीड़िता की बहन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 94 के तहत दायर आवेदन के बाद दिया गया है।