जुलाई 2026 में दिल्ली में EV Registrations ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, नई Policy लागू होने के बाद आंकड़ा पहुंचा 10,719 पर

जुलाई 2026 में दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EV Registrations में बहुत बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह आंकड़ा कुल 10,719 units तक पहुंच गया है। यह इस साल का सबसे ज्यादा monthly registration count है, जिसने जून 2026 के 9,296 units के आंकड़े को 1,423 से पीछे छोड़ दिया है। यह तेजी Delhi Electric Vehicle Policy 2026 (EV Policy 2.0) के नोटिफिकेशन और लागू होने के बाद आई है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुई थी। इसे Lieutenant Governor Taranjit Singh Sandhu द्वारा मंजूर किया गया था और Chief Minister Rekha Gupta द्वारा इसे notify किया गया था, जिसका उद्देश्य राजधानी में EV adoption को तेज करना, air quality में सुधार करना और एक मजबूत EV ecosystem स्थापित करना है, जिसके प्रावधान 31 मार्च 2030 तक लागू रहेंगे।
Delhi EV Policy 2026 के Targets और Financial Incentives
इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, Delhi EV Policy 2026 में बड़े targets और financial incentives तय किए गए हैं। 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल नए electric two-wheelers ही registration के लिए पात्र होंगे, हालांकि पुराने petrol और CNG two-wheelers पर बैन नहीं लगाया जाएगा। इसी तरह, 1 जनवरी 2027 से three-wheelers और N1-category light goods vehicles के लिए नए registrations केवल electric variants तक ही सीमित होंगे। Financial incentives के तहत electric two-wheelers पर 30,000 रुपये तक, e-autos पर 50,000 रुपये तक, और 30 लाख रुपये तक की ex-showroom price वाली electric cars पर road tax और registration fees पर 100% छूट शामिल है। इसके अलावा, पुराने internal combustion engine vehicles को EV से बदलने पर 100,000 रुपये तक के scrappage incentives दिए जा रहे हैं, जिससे कुल policy investment लगभग 15,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
Charging Infrastructure और Experts की राय
इन उपायों को पूरा करने के लिए, दिल्ली सरकार की योजना 2030 तक पूरे शहर में 30,000 से अधिक charging points लगाने की है। इस policy के तहत नए buildings में EV chargers के लिए कम से कम 20% parking spaces में power conduits आरक्षित करना अनिवार्य किया गया है, और सभी नए civic projects EV-charging ready होने चाहिए। charging infrastructure service standards विकसित करने के लिए Delhi Transco Limited (DTL) को nodal agency बनाया गया है। हालांकि, Soumyajit Bhar और Namita Kohli जैसे experts ने विश्वसनीय, किफायती और सुलभ charging points सुनिश्चित करने को लेकर चिंताएं जताई हैं, और non-functional public chargers के मामलों का जिक्र किया है। YOUDHA के CEO Ayush Lohia ने बड़े पैमाने पर EV adoption का समर्थन करने के लिए affordable financing की भारी जरूरत पर जोर दिया है। Ministry of Heavy Industries के माध्यम से central government ने 28 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि वह किसी unified National Electric Vehicle Policy पर विचार नहीं कर रही है, जिससे दिल्ली जैसे राज्यों को अपनी खुद की पहल आगे बढ़ाने की अनुमति मिलती है।