दिल्ली EV Policy: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने पर अब बचाएं पूरे 30,000 रुपये!

दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले ग्राहकों को Delhi Electric Vehicle Policy 2026 के तहत भारी बचत का मौका मिल रहा है। यह अपडेट ऐसे समय आया है जब सेंट्रल गवर्नमेंट की PM E-DRIVE नेशनल सब्सिडी, जो प्रति वाहन 5,000 रुपये तक देती थी और एक फंड-लिमिटेड स्कीम थी, 31 जुलाई 2026 को खत्म होने जा रही है। वहीं, दिल्ली की यह पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू हो चुकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर 30,000 रुपये तक की भारी बचत।
- पुरानी BS-IV या उससे पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर करीब 10,000 रुपये का लाभ।
- नए इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स पर 100% छूट।
दिल्ली EV Policy 2026 के तहत मिलने वाले फायदे
दिल्ली EV Policy 2026 के पहले साल में योग्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर 30,000 रुपये तक का परचेस इंसेंटिव दिया जा रहा है। यह बैटरी कैपेसिटी के हिसाब से 10,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटे (kWh) तय किया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 30,000 रुपये है। हालांकि, यह इंसेंटिव दूसरे साल घटकर 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये रह जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर लगभग 10,000 रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव और नए ईवी के रजिस्ट्रेशन व रोड टैक्स पर 100% छूट मिल रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पॉलिसी का लक्ष्य 2027 तक दिल्ली में रजिस्टर्ड होने वाले नए वाहनों में से 95% इलेक्ट्रिक करना है। एथर एनर्जी के को-फाउंडर और सीईओ तरुण मेहता ने इसे भारत में इलेक्ट्रिफ़िकेशन के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण कदम बताया है।
लागू नियम और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना
यह पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक वैध रहेगी। इसके नियमों के तहत, 1 अप्रैल 2028 से नेशनल कैपिटल टेरिटरी में केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी। परचेस इंसेंटिव डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दिए जाएंगे, जिसके लिए वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) मिलने के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार अगले चार सालों में पूरे दिल्ली में 32,000 चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने की योजना बना रही है। यह पॉलिसी केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों का समर्थन करती है और स्ट्रॉंग हाइब्रिड वाहनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। YOUDHA के सीईओ आयुष लोहिया ने सुझाव दिया कि यह पॉलिसी एक नेशनल बेंचमार्क बन सकती है, लेकिन इसके लंबे समय की सफलता के लिए किफायती फाइनेंसिंग और क्रेडिट तक आसान पहुंच बहुत जरूरी है।