दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 ने पकड़ी रफ्तार, सरकार ने बांटे 7.91 करोड़ रुपये के इंसेंटिव

Kittu Kumari11 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 ने पकड़ी रफ्तार, सरकार ने बांटे 7.91 करोड़ रुपये के इंसेंटिव

राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 अब जमीन पर असर दिखाना शुरू कर चुकी है। सरकार ने इस योजना के तहत अब तक कुल 7.91 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) वितरित की है। 8 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इसमें से 7.61 करोड़ रुपये वाहनों की खरीद पर सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं, जबकि 29.50 लाख रुपये पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए दिए गए हैं।

1 जुलाई 2026 को लागू हुई इस पॉलिसी के लिए अब तक 7,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 7,706 आवेदन केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए हैं, जो यह साफ करता है कि दिल्ली के लोग अब तेजी से क्लीन ट्रांसपोर्ट की ओर बढ़ रहे हैं। अब तक 2,707 लोगों को खरीद के लिए और 79 लोगों को स्क्रैपिंग के लिए सब्सिडी का लाभ मिल चुका है।

सब्सिडी का गणित और नए नियम

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यह पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए कुल 150 बिलियन रुपये का बजट रखा गया है। सरकार ने आम जनता को लुभाने के लिए कई बड़े फायदे दिए हैं:

  • टैक्स में छूट: 30 लाख रुपये तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से 100% छूट दी गई है।
  • खरीद सब्सिडी: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए 30,000 रुपये, थ्री-व्हीलर्स के लिए 50,000 रुपये और N1 कैटेगरी के हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
  • स्क्रैपिंग लाभ: BS-IV या उससे पुराने पेट्रोल-डीजल कारों को स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये और टू-व्हीलर्स पर 10,000 रुपये तक की मदद मिल रही है।

इतना ही नहीं, महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण के लिए परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने 'DURGA' (Driving, Upliftment and Rozgar for Women and Transgender) ई-ऑटो योजना की घोषणा की है, जिसके तहत 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो सड़कों पर उतरेंगे।

चार्जिंग की समस्या को दूर करने के लिए बिजली मंत्री आशीष सूद ने बताया कि 14 अक्टूबर 2026 से पांच नए चार्जिंग स्टेशन शुरू हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक शहर में 30,000 चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करना है। वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के पैनल ने 'राइट टू चार्ज' कानून लाने और पेट्रोल-डीजल वाहनों को धीरे-धीरे बाहर करने की सिफारिश की है। नियमों के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से नॉन-ईवी थ्री-व्हीलर्स और 1 अप्रैल 2028 से नॉन-ईवी टू-व्हीलर्स का नया रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा।

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