दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार बढ़ाएगी सरकार, 382 चार्जिंग साइट्स को मिली मंजूरी

राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने शहर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए 382 साइटों को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को इस महत्वपूर्ण विकास की जानकारी साझा की।
इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने मिलकर 456 संभावित जगहों की पहचान की थी। इसके बाद, 30 जून को लागू हुई दिल्ली ईवी पॉलिसी के तहत तीन महीनों तक गहन मूल्यांकन किया गया। इस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की जिम्मेदारी वैश्विक फर्म KPMG को सौंपी गई थी, जिसने बिजली की उपलब्धता, ग्रिड क्षमता और टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर व फोर-व्हीलर की जरूरतों के आधार पर इन 382 साइटों का चयन किया है।
पहले चरण में 180 साइटों के लिए जारी होंगे टेंडर
दिल्ली सरकार अब इस योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी में है। पहले चरण में उन 160 से 180 साइटों के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे, जो पूरी तरह तैयार हैं और जहां ग्रिड की व्यवहार्यता सुनिश्चित हो चुकी है। यह पूरी कवायद दिल्ली की उस महत्वाकांक्षी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत 2030 तक शहर के कुल वाहनों में 30% हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की करने का लक्ष्य रखा गया है।
आने वाले समय में नियमों को और सख्त किया जाएगा। 1 जनवरी 2027 से थ्री-व्हीलर्स और N1 कैटेगरी के हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए 100% इलेक्ट्रिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से टू-व्हीलर्स के लिए भी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक रजिस्ट्रेशन की शर्त लागू होगी।
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली के लोग पहले से ही ईवी की ओर रुख कर रहे हैं। जुलाई से सितंबर के बीच इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन में 30% की बढ़ोतरी देखी गई है। इसी कड़ी में हाल ही में बुराड़ी और आनंद विहार में नए चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए गए हैं, जिससे लोगों को अब चार्जिंग की चिंता कम होगी।