ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार बनाएगी 7000 करोड़ का एलीवेटेड रिंग रोड

राजधानी दिल्ली में सड़कों पर रेंगते वाहनों और घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 7,000 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली एलीवेटेड रिंग रोड प्रोजेक्ट की रफ्तार तेज कर दी है। यह फैसला हाल ही में बारापुला फेज-III फ्लाईओवर पर लगे भारी जाम के बाद लिया गया है, जिसने प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया कि केवल फ्लाईओवर काफी नहीं हैं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की जरूरत है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश सिंह वर्मा ने जानकारी दी कि इस 55 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के पहले पैकेज की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पूर्वी दिल्ली को शहर के बाकी हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ना है ताकि लोगों को सफर में कम समय लगे।
क्यों पड़ी इस प्रोजेक्ट की जरूरत और क्या है प्लान?
इस बड़े फैसले के पीछे की वजह बारापुला फेज-III की बदहाल स्थिति है। 5 और 8 अक्टूबर 2026 को यहां हालात इतने खराब थे कि वाहनों की कतारें 2 किलोमीटर तक लंबी हो गई थीं और लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में 70 से 100 मिनट की अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को मजबूरन वाहनों को NH-24 और DND फ्लाईवे की ओर मोड़ना पड़ा था। जांच में पाया गया कि सनडायल पार्क के पास ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है, जहां सराय काले खां और DND से आने वाले वाहन एक ही संकरी सड़क पर सिमट जाते हैं। साथ ही, गूगल मैप्स जैसे प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम डेटा की कमी ने भी इस जाम को और बढ़ा दिया।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने निम्नलिखित योजनाएं बनाई हैं:
- पूरे प्रोजेक्ट को छह चरणों में पूरा किया जाएगा ताकि शहर की आम जिंदगी और ट्रैफिक पर कम से कम असर पड़े।
- यमुना नदी पर दो नए पुल बनाए जाएंगे; एक सिग्नेचर ब्रिज के पास और दूसरा मेटकाफ हाउस को आश्रम के पास DND फ्लाईवे से जोड़ेगा।
- शुरुआती फेज में लगभग 25 किलोमीटर के कॉरिडोर पर काम होगा।
प्रशासन ने कुछ प्राथमिकता वाले हिस्सों की पहचान की है, जिनमें आजादपुर फ्लाईओवर से हनुमान मंदिर (9.5 किमी), चंदगी राम अखाड़ा से मजनू का टीला (2.5 किमी) और हनुमान मंदिर से DND फ्लाईओवर (11.5 किमी) शामिल हैं। उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्लीवासियों को ट्रैफिक के अंतहीन इंतजार से आजादी मिलेगी।