दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन: 33 लाख नोटिसों में से 90 फीसदी का निपटारा, जल्द आएगी फाइनल लिस्ट
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) का काम तेजी से पूरा हो रहा है। करीब 90% नोटिस सुलझा लिए गए हैं।

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। चुनाव आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में चल रहे इस अभियान में अधिकारियों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाताओं को जारी किए गए 33.12 लाख नोटिसों में से करीब 90 प्रतिशत मामलों को सुलझा लिया गया है या उन्हें अंतिम प्रोसेसिंग के लिए रख दिया गया है।
इस पूरी कवायद का मकसद वोटर लिस्ट के डेटा को पूरी तरह शुद्ध करना है। आपको बता दें कि 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में दिल्ली के मतदाताओं की संख्या 1.45 करोड़ से घटकर 97.5 लाख रह गई थी, जिसमें करीब 47.5 लाख नामों को 'अनकलेक्टिबल' मानकर हटा दिया गया था। जारी किए गए नोटिसों में 13.79 लाख मामले 2002 के SIR रोल से लिंक न होने के थे, जबकि 19.33 लाख मामलों में 'लॉजिकल विसंगतियां' पाई गई थीं। 22 अक्टूबर 2026 तक इनमें से 80 प्रतिशत से अधिक नोटिसों का समाधान कर लिया गया है।
नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी
नाम हटाने के लिए आए 67,709 'फॉर्म 7' आवेदनों में से लगभग 70 प्रतिशत का निपटारा हो चुका है। वहीं, नए पंजीकरण के लिए आए 4,59,796 'फॉर्म 6' आवेदनों में से 23.3 प्रतिशत और सुधार के लिए आए 3,54,896 'फॉर्म 8' आवेदनों में से 47.97 प्रतिशत मामलों को निपटाया गया है। काम में तेजी लाने के लिए चुनाव आयोग ने असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AEROs) की संख्या 297 से बढ़ाकर 902 कर दी है। अब अधिकारियों को यह छूट दी गई है कि वे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के वेरिफिकेशन के आधार पर ही मामलों को सुलझा सकें, इसके लिए अनिवार्य सुनवाई की जरूरत नहीं होगी।
इस पूरी प्रक्रिया ने राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मचाई है। जहां भाजपा और केंद्र सरकार इसे जरूरी बता रहे हैं, वहीं राहुल गांधी, INDIA गठबंधन, संयुक्त किसान मोर्चा और 'पीपल अगेंस्ट SIR' समूह ने इसका कड़ा विरोध किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने ईसीआई मुख्यालय की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।
हैरानी की बात यह है कि इस विसंगति जांच के दायरे में कई दिग्गज नाम भी आए हैं, जिनमें एल.के. आडवाणी, एस. जयशंकर, जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू शामिल हैं। फिलहाल, फॉर्म 6 के जरिए हटाए गए मतदाताओं के पुन: पंजीकरण के विवाद की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट कर रहा है।
महत्वपूर्ण तारीखें: दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 है। सभी मामलों का अंतिम निपटारा 30 नवंबर तक होगा और 4 दिसंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।