दिल्ली वोटर लिस्ट रिवीजन: चुनाव आयोग ने बढ़ाई डेडलाइन, अब 25 नवंबर तक करें आवेदन
चुनाव आयोग ने दिल्ली में वोटर लिस्ट रिवीजन की डेडलाइन बढ़ा दी है। अब 25 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।

अगर आप दिल्ली के निवासी हैं और वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने या सुधार करवाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। चुनाव आयोग ने दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता 25 नवंबर, 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
चुनाव आयोग द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, आवेदनों की जांच और निपटारे की प्रक्रिया अब 15 दिसंबर, 2026 तक चलेगी। इस बदलाव के कारण दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट, जो पहले 4 दिसंबर को जारी होनी थी, अब 22 दिसंबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। खास बात यह है कि यह बदलाव सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नागालैंड में भी लागू किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और राजनीतिक दबाव का असर
चुनाव आयोग का यह फैसला कई महत्वपूर्ण कारणों के बाद आया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने आयोग से पूछा था कि जो मतदाता पहले से पंजीकृत थे लेकिन ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गए, उन्हें 'पहली बार आवेदन' करने वालों की श्रेणी में क्यों रखा जा रहा है? कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया था कि मतदाताओं के लिए फॉर्म जमा करने का रास्ता आसान और व्यावहारिक बनाया जाए।
इसके अलावा, राजनीतिक माहौल में भी काफी हलचल थी। 28 अक्टूबर को 'INDIA' गठबंधन ने इस पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की थी। उनका आरोप था कि मौजूदा सिस्टम में कई मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं और प्रक्रिया में काफी गड़बड़ियां हैं। इन सब दबावों और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध के बाद आयोग ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया।
आयोग ने अब सभी बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस नई समय सीमा का व्यापक प्रचार करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। साथ ही, स्थानीय राजनीतिक दलों को भी इस अपडेट की जानकारी देने को कहा गया है।