Delhi Electoral Roll Revision: 11.9 लाख मतदाता सूची से बाहर, BLOs पर बढ़ा काम का दबाव

नई दिल्ली में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) के तहत 28 जुलाई 2026 तक लगभग 11.9 लाख मतदाताओं (यानी कुल मतदाताओं का 8.2%) को 'uncollectible' मार्क किया गया है या उन्हें हटाया गया है। शुरुआती 1.45 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के बेस से यह बड़ी कटौती ऐसे समय में हो रही है जब Booth-Level Officers (BLOs) घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए 8 अगस्त की समय सीमा को पूरा करने में लगे हैं। Election Commission of India (ECI) द्वारा इस प्रक्रिया को समय बढ़ाने के बावजूद, 13,000 से अधिक BLOs के लिए यह काम काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, जिनमें से कई सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं।
BLOs पर तनाव और कार्यभार के मामले
शिक्षक परिवारों के अनुसार अत्यधिक तनाव के कारण एक शिक्षक की मौत और एक आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं के बाद BLOs के काम के बोझ को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गईं। इसके बाद Delhi Chief Electoral Officer (CEO) के कार्यालय ने 23 जुलाई 2026 को निर्देश दिया कि पढ़ाई में रुकावट को रोकने के लिए BLO से जुड़ा काम स्कूल के समय के बाद या बिना पढ़ाई वाले दिनों में ही किया जाए, जो कि ECI के मौजूदा निर्देशों को दोहराता है। 28 जुलाई 2026 तक 99.8% enumeration forms बांटे जा चुके थे, लेकिन digitization की रफ्तार काफी धीमी रही और उस तारीख तक यह केवल 50.07% तथा 31 जुलाई 2026 तक 57.54% तक ही पहुंच पाई थी।
मतदाताओं की शिकायतें और जिलों के आंकड़े
एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि कई पढ़े-लिखे मतदाताओं ने BLOs से ही अपने फॉर्म भरने का अनुरोध किया, जबकि Voter Adhikar Manch की माansi वर्मा ने कई मतदाताओं की ऐसी शिकायतों पर प्रकाश डाला जिन्हें फॉर्म नहीं मिले या जो अपने assigned BLO से नहीं मिल पाए। मतदाताओं को मौत, दूसरी जगह चले जाने, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहने, डुप्लीकेट एंट्री या फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से मना करने जैसे कारणों से सूची से हटाया जा रहा है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, South Delhi में सबसे अधिक 153,000 मतदाताओं को हटाया गया, जबकि South East जिले में 28 जुलाई 2026 तक digitization का प्रदर्शन सबसे खराब (36.39%) रहा।
Delhi High Court में PIL और कानूनी पेचीदगियां
इन ड्यूटियों के लिए शिक्षकों को बड़े पैमाने पर तैनात करने और इससे स्कूली शिक्षा पर पड़ने वाले असर को लेकर 23 जुलाई 2026 को Delhi High Court में एक Public Interest Litigation (PIL) भी दायर की गई, जिससे मौजूदा चुनावी संशोधन प्रक्रिया की जटिलताएं और अधिक सामने आ गई हैं।