दिल्ली चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन के तहत 33.1 लाख मतदाताओं को भेजे नोटिस

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत की है जिसके तहत 33.1 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। यह अभियान 31 अगस्त 2026 को शुरू हुआ और इसका उद्देश्य 2002 के रिकॉर्ड से जुड़ी तार्किक विसंगतियों को दूर करना है। सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र के 125 वर्षीय मतदाता श्याम मुखीजा को भी नाम में mismatches के कारण नोटिस भेजा गया है।
इस सूची में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी, तथा चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू जैसे कई वीआईपी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद को भी नोटिस मिला है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब नाम काटना नहीं बल्कि रिकॉर्ड सुधारने का मौका है।
अंग्रेजी में नोटिस मिलने पर चिंता जताते हुए अधिकारियों ने बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नागरिकों को हिंदी में प्रक्रिया समझाएं। वामपंथी दलों ने 20 सितंबर 2026 को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि इससे वंचित समुदाय प्रभावित हो रहे हैं जबकि पारदर्शिता पर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
मतदाताओं के पास 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय है। सत्यापन और सुधार चरण 29 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।