दिल्ली चुनाव आयोग की बड़ी पहल: घर-घर जाकर वोटर नोटिस वेरिफाई करेंगे बीएलओ

दिल्ली में चुनाव आयोग ने वोटर्स की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर वेरिफिकेशन अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान उन वोटर्स के लिए है जिन्हें चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत नोटिस मिले हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नाम या दस्तावेजों में गड़बड़ी जैसी कमियों को दूर करना है। (Source: DD News)
घर से ही दस्तावेजों का सत्यापन
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अब बीएलओ वोटर्स के घर जाकर जरूरी दस्तावेज खुद इकट्ठा करेंगे। इसके बाद इन दस्तावेजों को सीधे ईसीआई नेट पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पहले इन कामों के लिए वोटर्स को व्यक्तिगत रूप से रजिस्ट्रेशन कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी। अब वोटर्स को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) या असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AEROs) के सामने पेश होने की आवश्यकता नहीं है।
33 लाख वोटर्स को जारी किए गए नोटिस
चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विभिन्न गड़बड़ियों के कारण दिल्ली में लगभग 33 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए गए थे। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नोटिस मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वोटर का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। कुछ खास मामलों में जहां औपचारिक सुनवाई जरूरी होगी, वहां कार्यवाही ऑनलाइन हो सकती है या परिवार का कोई वयस्क सदस्य भी वोटर की तरफ से पेश हो सकता है।
नई समयसीमा और विशेष व्यवस्थाएं
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के विशेष अनुरोध पर चुनाव आयोग ने जरूरी समयसीमा बढ़ा दी है। दिल्ली में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख अब 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं, सभी दावों, आपत्तियों और नोटिस के निपटारे की अंतिम समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दी गई है। इसके अलावा, बेघर, मजदूरों और कम आय वाले वोटर्स की मदद के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।