Delhi Government Proposes Major Business Reforms with Ease of Doing Business Bill 2026

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने 5 अगस्त 2026 को हुई बैठक में Delhi Ease of Doing Business Bill, 2026 के ड्राफ्ट पर चर्चा की। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राजधानी में बिजनेस अप्रूवल को काफी आसान बनाना और कंप्लायंस के बोझ को कम करना है, जिससे बिजनेस के लिए एक ट्रांसपेरेंट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन फ्रेमवर्क तैयार हो सके।
- दिल्ली कैबिनेट ने 5 अगस्त 2026 को बैठक में ड्राफ्ट दिल्ली Ease of Doing Business Bill, 2026 पर चर्चा की।
- यह बिल लो-रिस्क इंडस्ट्रीज के लिए सेल्फ-कर्टिफिकेशन, टाइम-बाउंड क्लियरेंस और 'डीम्ड अप्रूवल' का प्रावधान लाता है।
- DSIIDC को विभिन्न विभागों और सिविक बॉडीज में अप्रूवल प्रोसेस को कोर्डिनेट करने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
- प्रमुख अप्रूवल, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, एनओसी और यूटिलिटी कनेक्शन को सेंट्रलाइज करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की योजना है।
- यह ड्राफ्ट बिल भारत सरकार की कंप्लायंस रिडक्शन और डिरेगुलेशन इनिशिएटिव (फेज II) और जन विश्वास बिल, 2023 की भावना के अनुरूप है।
प्रमुख रिफॉर्म और प्रावधान
यह बिल कई प्रमुख रिफॉर्म पेश करता है, जिसमें लो-रिस्क इंडस्ट्रीज के लिए self-certification, टाइम-बाउंड क्लियरेंस और 'deemed approval' का प्रावधान शामिल है। इसके तहत, तय समयसीमा के भीतर प्रोसेस नहीं होने वाले एप्लीकेशन अपने आप अप्रूव हो जाएंगे और आवेदक ऑनलाइन अप्रूवल डाउनलोड कर सकेंगे। विभिन्न विभागों और सिविक बॉडीज में अप्रूवल प्रोसेस को कोर्डिनेट करने के लिए DSIIDC (Delhi State Industrial and Infrastructure Development Corporation) को नोडल एजेंसी के रूप में प्रस्तावित किया गया है। Source
मुख्यमंत्री का बयान और सिंगल विंडो सिस्टम
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य उद्यमियों को कई सरकारी दफ़्तरों के चक्कर काटने के बजाय business expansion पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाना है, जिसमें आसान अप्रूवल और स्पष्ट, समयबद्ध प्रक्रियाएं शामिल हैं। प्रमुख अप्रूवल, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, एनओसी और यूटिलिटी कनेक्शन को सेंट्रलाइज करने के लिए एक Single Window System की भी योजना बनाई गई है।
अन्य संबंधित बिल और असेंबली सेशन
यह ड्राफ्ट बिल भारत सरकार की Compliance Reduction and Deregulation Initiative (Phase II) और Jan Vishwas Bill, 2023 की भावना के साथ मेल खाता है। इससे पहले, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी सीएम गुप्ता के साथ नियमों को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों की समीक्षा की थी। इस बिल के साथ-साथ Delhi (Right of Citizen to Time Bound and Ease of Delivery of Service) Bill, 2026 - जो सेवाओं में देरी करने वाले अधिकारियों के लिए जुर्माने का प्रस्ताव करता है - को 7 से 11 अगस्त तक होने वाले असेंबली के मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने की उम्मीद थी Source।