दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या होगी सीमित, परिवहन विभाग ने जारी किया नया ड्राफ्ट

राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 'दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है। इस नई योजना के जरिए शहर में ई-रिक्शों की कुल संख्या को सीमित करने और उनके संचालन के लिए कड़े नियम लागू करने की तैयारी है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए इस ड्राफ्ट पर अगले 30 दिनों तक जनता से सुझाव और फीडबैक मांगे गए हैं। दिल्ली ई-रिक्शा स्कीम 2026 का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम को कम करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और प्रदूषण की समस्या से निपटना है।
2.5 लाख की लिमिट और डिजिटल सर्टिफिकेट का नियम
इस प्रस्तावित योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे शहर में ई-रिक्शों की अधिकतम संख्या 2.5 लाख तय की जाएगी। एक बार यह सीमा पूरी हो जाने के बाद, सरकार नए रजिस्ट्रेशन या ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) जारी नहीं करेगी, जब तक कि इस लिमिट में कोई बदलाव न किया जाए। अब सभी ई-रिक्शों के लिए डिजिटल ECC लेना अनिवार्य होगा, जिसकी वैधता दो साल होगी। इस सर्टिफिकेट में मालिक, ड्राइवर, बैटरी की जानकारी और दस्तावेजों की वैधता जैसे जरूरी डेटा दर्ज होंगे।
नियमों का पालन न करने वालों के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई वाहन बिना सर्टिफिकेट के पाया गया, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। अगर जब्त होने के 15 दिनों के भीतर सर्टिफिकेट नहीं दिखाया गया, तो वाहन को नीलामी के लिए भेजा जा सकता है या उसे नष्ट (क्रश) किया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा ई-रिक्शा मालिकों को अंतिम नोटिफिकेशन के बाद सर्टिफिकेट लेने के लिए 90 दिनों का समय दिया जाएगा।
स्वामित्व और संचालन को लेकर भी नए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:
- एक व्यक्ति अधिकतम 5 ई-रिक्शा रख सकेगा।
- कंपनियां, एनजीओ और ड्राइविंग स्कूल जैसे संस्थान अधिकतम 100 ई-रिक्शा रख सकते हैं।
- 25 से अधिक वाहन चलाने वालों को 'एग्रीगेटर लाइसेंस' लेना होगा और चार्जिंग या बैटरी-स्वैपिंग की सुविधा देनी होगी।
- ड्राइवरों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना अनिवार्य है।
सुरक्षा के लिहाज से अब ई-रिक्शों में बुल बार जैसे फ्रंटल क्रैश गार्ड लगाने पर रोक होगी और हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाना जरूरी होगा। साथ ही, ई-रिक्शा में अधिकतम 4 यात्री और 40 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति होगी। ड्राइवरों को बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद करने तथा महिला यात्रियों के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की रिपोर्ट पुलिस को करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, वाहनों की पार्किंग ऐसी जगह होगी जिससे पैदल चलने वालों या ट्रैफिक में कोई बाधा न आए।