दिल्ली में ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम, सरकार ने 2.5 लाख की सीमा का किया प्रस्ताव

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम, सरकार ने 2.5 लाख की सीमा का किया प्रस्ताव

राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा अब पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में होंगे। दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026' का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना, सुरक्षा मानकों को सुधारना और पर्यावरण की रक्षा करना है। सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि पूरे शहर में ई-रिक्शा की कुल संख्या अधिकतम 2.5 लाख तक सीमित रखी जाएगी।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए इस ड्राफ्ट पर आम जनता और हितधारकों से 30 दिनों तक सुझाव मांगे गए हैं। इस योजना के लागू होने के बाद, दिल्ली में पहले से पंजीकृत ई-रिक्शा चालकों को 90 दिनों के भीतर एक अनिवार्य डिजिटल 'ई-रिक्शा कम्प्लायंस सर्टिफिकेट' (ECC) लेना होगा। यह सर्टिफिकेट दो साल के लिए वैध होगा और इसमें वाहन के मालिक, बैटरी मानकों, बीमा और फिटनेस की पूरी जानकारी होगी। साथ ही, एक वाहन को केवल एक अधिकृत ड्राइवर से ही जोड़ा जाएगा।

सख्त नियम: बिना रजिस्ट्रेशन वाले रिक्शा होंगे जब्त

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परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने साफ किया है कि सरकार का मकसद लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, लेकिन इसे अनुशासन के साथ लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि अब 'जुगाड़' से बनाए गए और असुरक्षित वाहनों की सड़क पर कोई जगह नहीं होगी। नियमों के मुताबिक, ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना अनिवार्य है। यदि ट्रांजिशन पीरियड के बाद कोई भी वाहन बिना रजिस्ट्रेशन के चलता पाया गया, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा, नष्ट किया जाएगा या उसकी बैटरी नीलाम कर दी जाएगी।

योजना के तहत ई-रिक्शा की परिभाषा भी तय की गई है। यह बैटरी से चलने वाला तीन पहिया वाहन होगा, जिसमें 4 यात्री और 40 किलो सामान ले जाने की क्षमता होगी। इसकी अधिकतम रफ्तार 25 किमी प्रति घंटा और पावर आउटपुट 2,000 वाट से अधिक नहीं होना चाहिए।

स्वामित्व के नियमों की बात करें तो एक व्यक्ति अधिकतम 5 ई-रिक्शा रख सकता है, जबकि कंपनियां, एनजीओ या कोऑपरेटिव संस्थाएं 100 वाहनों तक का स्वामित्व रख सकेंगी। इसके अलावा, जो ऑपरेटर 25 या उससे ज्यादा ई-रिक्शा चलाएंगे, उन्हें 'एग्रीगेटर लाइसेंस' लेना होगा। सरकार अब सभी सुझावों की समीक्षा करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ट्रैफिक कम हो और आम जनता को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।

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